बिहार कथा

 

ज्योति बा स्वयं शिक्षित होकर बालिकाओं को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया : संजय स्वदेश

मीरगंज में मनी ज्योति बा कि जयंती संवाददाता, मीरगंज/गोपालगंज। दलित ओबीसी जनजागरण संघ की ओर से मीरगंज में सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। इस मौके पर संघ के संयोजक संजय स्वदेश ने कहा कि आज सामाजिक आंदोलन को आगे बढ़ाने, स्वंय शिक्षित होकर, वंचित समुदाय को शिक्षित करने का बीड़ा उठाने वाली सावित्री बाई को याद करने का समय है। इन्होंने अपने पति ज्योति बा फुले के साथ अधिकारों के लिए जिस तरह अन्याय, अत्याचार झेलते हुए, आगे आये, स्त्री मुक्ति की राह दिखाए, वह ऐतिहासिक, अनुकरणीय है। इसRead More


गहरे मंथन का होगा यह दशक

गहरे मंथन का होगा अगला दशक अरुण कुमार त्रिपाठी इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक के समाप्त होने के साथ भारत और बाकी दुनिया में बहुसंख्यावाद, नए किस्म के धर्म आधारित राष्ट्रवाद और अमेरिका चीन व रूस से बीच उभरते शीतयुद्ध के कारण जिस प्रकार की हलचलें चल रही हैं उससे यही लग रहा है कि अगला दशक आमसहमति से ज्यादा आपसी खींचतान और गहरे मंथन का होगा। भारत को इसी में से अपनी राह बनानी है। रफीक जकरिया, पाल क्रुगमैन, थामस पिकेटी, जेम्स क्रैबट्री जैसे दुनिया के कई अर्थशास्त्री औरRead More


डिजिटल साहूकारों के पीछे किसकी ताकत

डिजिटल साहूकारों के पीछे छिपी ताकतों की पहचान जरूरी —————- ये कंपनियां कर्जदार के नाम पर किसी भी बैंक या एनबीएफसी से कर्ज ले सकती हैं. मिनटों में फर्जी कंपनियां खड़ी कर सकती हैं, जिनकी आड़ में धोखाधड़ी का अंदेशा बना हुआ है. ——————— राजेश जोशी बिना किसी गारंटी, अच्छे सिबिल स्कोर या ढेर सारे दस्तावेजों के बिना फटाफट कर्ज देने वाले मोबाइल ऐप का संचालन कर रही कंपनियों के बारे में हो रहे खुलासे डराने वाले हैं. आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में इन मोबाइल एप कंपनियों की धमकियों और प्रताड़नाRead More


बिहार की भ्रामक राजनीतिक स्थिति

भ्रामक राजनीतिक स्थिति प्रेमकुमार मणि बिहार में भाजपा -जदयू – लोजपा का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है . तीसरे नंबर का घटक लोजपा तो इस गठबंधन में है भी या नहीं ,यह यकीनी तौर पर नहीं कहा जा सकता . भाजपा की ओर से देखने पर वह है , लेकिन जदयू की तरफ से देखने पर नहीं है . विधानसभा के विगत चुनाव में लोजपा ने जदयू के सभी उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतार कर उनकी खटिया खड़ी कर दी थी . 115 सीटोंRead More


बिहार सरकार का आदेश, अफसर से लेकर क्लर्क तक जमा करें चल-अचल संपत्ति का ब्योरा

पटना। बिहार सरकार ने आईएएस-आईपीएस अफसरों के बाद ग्रेड ए से लेकर सी तक के सभी अधिकारियों और कर्मियों को चल एवं अचल संपत्ति विवरण देने का निर्देश दिया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग में सभी विभागों के प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी अखिल भारतीय सेवा के सभी पदाधिकारियों तथा राज्य सरकार एवं उनके अधीनस्थ बोर्ड, निगम, सोसायटी के समूह क,ख एवं ग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियोंRead More


जीडीपी तक पहुंची पॉल्युशन की मार

–—————– ——————– पॉल्युशन से होने वाली बीमारियां जेब काट कर ले रही जान, 2019 में गई 17 लाख की मौत, सरकारी निवेश से जीवन रक्षा का है समाधान ————————————————————–   संजय स्वदेश देश में कोरोना के प्रकोप से लगे लॉकडाउन में एयर पॉल्युशन का लेवल इतना कम कर दिया कि हर ओर ऐसे ही एनवायरमेंट बनाये रखने की बातें होने लगी. अब अनलॉक्ड में पॉल्युशन के हालात फिर से लॉकडाउन के पहले जैसे होने लगे हैं. फिजाओं में पॉल्युशन का जहर फेंकडें को कमजोर कर रहा है. कोरोना के लड़नेRead More


किसी की हार-जीत से ज्यादा अहम है कश्मीर में चुनाव होना

कश्मीर को लेकर पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान ने जिस तरह की तस्वीर खींचने की कोशिश की है, उसे देखते हुए भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की नजर इन चुनावों पर है. इसी वजह से इसके नतीजे सामान्य चुनाव से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. – –राजेश जोशी किसी भी राज्य की जिला विकास परिषद या डीडीसी के चुनाव बहुत छोटे होते हैं. कई बार तो उनकी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा भी नहीं होती. पर कश्मीर में हुए परिषद के चुनाव राजनीतिक रूप से भी अहम थे और जम्मू-कश्मीर से निकलनेRead More


बिहार के किसान चुप क्यों हैं ?

Girindranath Jha कई बार लगता है कि लिखना चाहिए, फिर गेहूं – मक्का में लग जाता हूं। लेकिन आज एक पत्रकार साथी का फोन आया, उनका सवाल किसान आंदोलन और उसमें कहीं भी न दिख रहे बिहारी किसान को लेकर था। उनसे लंबी बात हुई। उनका सवाल वाजिब था कि बिहार के किसान चुप क्यों हैं? ऐसे सवाल मुझे मोड़ पर खड़े कर देते हैं, जहां से सारे रास्ते अनजान लगने लगते हैं। दरसअल मेरा मानना है कि बिहार के सभी जिले से किसान गायब हैं, मतलब एब्सेंट फार्मर। यहRead More


मुक्ति के दरवाजे चकला-बेलन छूटने से खुलते हैं

विनीत कुमार के फेसबुक timeline से साभार ये तस्वीर उनके लिए जिन्हें बचपन से सिखाया जाता रहा- ये चूल्हा-चौका तुम लड़कों का काम नहीं है. जिस रसोई में गलने, तपने, पकने, कूटे और पीसे जाने का काम हुआ करता है, अधिकांश भारतीय पुरूष की परवरिश उससे काटकर की जाती है. ये तस्वीर उनके लिए जिनके हिसाब से मुक्ति के सारे दरवाजे हाथ से चकला-बेलन छूटने से ही खुलते हैं. आधुनिक और आत्मनिर्भर होने के नाम पर जिस भोथरी समझ के साथ जो जीते हैं, ये तस्वीर उन्हें दोबारा से अपनीRead More


बहुरूपिया कोरोना वायरस हार मानने को तैयार नहीं

भारत में अभी तक कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन या प्रकार के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन विशेषज्ञ नए वायरस के भारत पहुंचने की आशंका को खारिज भी नहीं कर रहे. – राजेश जोशी देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के घटते मामलों और जनवरी से टीकाकरण की तैयारी की खबरों से मिलती राहत को ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण की सूनामी ने बहा दिया है. ब्रिटेन में आए संकट की वजह है म्यूटेशन से बना नए तरह का कोरोना वायरस, जो मूल वायरस से काफी अलग है. नएRead More


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