बिहार कथा

 

भूल कर भी दही में नमक डाल कर न खाये

*दही का सही उपयोग* कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि. इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है, अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे | ये बैक्टीरियाRead More


भोजपुरी बोली का न हो दुरूपयोग

संतोष कुमार तिवारी इतिहास के राजा भोज के वंशज जब बिहार के मल्ल जनपद में आये तब उन्होनें अपनी राजधानी भोजपुर बनाईl और यहीं की स्थानीय बोली प्राम्भ में भोजपुरी कहलाईl धीरे धीरे यह बोली बिहार के अन्य जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश के पुर्वाचल के कई जिलों में बोली व समझी जाती हैl मालूम होना चाहिये कि विश्व में अपना एक अच्छा स्थान रखने वाला देश मारीशस में भोजपुरी बोली जाती हैl भोजपुरी हिन्दी प्रदेश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली बोली हैl लेकिन सभी मान्यताओं को धता बताकरRead More


दिल्ली : हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की शादी बना बवाल ए जान

दिल्ली। सराय काले खां में हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की शादी सांप्रदायिक रूप लेती जा रही है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली की हरिजन बस्ती में रहने वाले 22 साल के युवक ने मुस्लिम समुदाय की लड़की से प्रेम विवाह किया, जिसके बाद यहां लगातार हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। गौरतलब है कि सराय काले खां इलाके में दो धर्मों से संबंध रखने वाले लड़का-लड़की ने अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया है और दोनों बालिग हैं। अब मीडिया में जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताकबिक इस शादीRead More


नेहरू से पहले एक बिहारी मुस्लिम थे देश में प्रधानमंत्री!

बिहार के रहने वाले थे पहले प्रधानमंत्री, चौंक गए तो जान लीजिए- कहां हुआ था जन्म, कब ली थी शपथ देश में सबसे पहले प्रधानमंत्री का पद बिहार के रहने वाले बैरिस्टर मोहम्मद यूनुस को एक अप्रैल 1937 को मिला था। वे पटना जिले के ही रहने वाले थे। जानिए कि वे किस तरह और कब प्रधानमंत्री बने थे। पटना। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे, यह तो बच्चा-बच्चा जानता है; लेकिन कम ही लोगों को पता है कि नेहरू जी से पहले भी भारत में प्रधानमंत्री हुआ करतेRead More


वैक्सीन के साथ कोरोना उपयुक्त व्यवहार ही बचाएगा कोरोना से

वैक्सीन के साथ कोरोना उपयुक्त व्यवहार ही बचाएगा कोरोना से बिहार कथा न्यूज नेटवर्क नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर देश में आ चुकी है। इसमें संक्रमण की गति एक बार फिर तेज देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन और कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन करके ही आप कोरोना को हरा सकते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि हम निर्धारित दूरी का पालन करें। जब भी एक दूसरे से मिलें, उचित दूरी का पालन करें। बहुत अधिक जरूरी नहीं हो, तो सार्वजनिक जगहों पर नहीं जाएं।Read More


किसके लिए मोदी ने करवाा था तेल का भंडारण

संजय तिवारी जब मोदी ने लॉकडाउन किया तो क्रूड ऑयल की कीमतें गिर रही थीं। कमोबेश पूरी दुनिया में गाड़ियों के पहिये थम गये थे जिसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा। तत्काल मोदी के खून में जो व्यापार है वो जाग गया। पेट्रोलियम मंत्रालय को आदेश हुआ कि जितना हो सकता है क्रूड ऑयल खरीदकर उसका भंडारण कर लो। इसमें कोई बुराई नहीं थी। आपदा में अवसर खोज लिया गया था। लेकिन ये सब किया किसके लिए गया? जनता के सुख सुविधा के लिए? जी नहीं। ये सबRead More


भारत के विश्वगुरु का मतलब

संजय तिवारी असली विकास है मनुष्य की चेतना का विकास। भारत इसी विकास का आदिकाल से विश्वगुरु है। लेकिन चेतन व्यक्ति भोगवादी नहीं होता। जो समाज जितना चेतन होता है उतना ही त्यागवादी होता है। विकसित चेतना के लिए भोग विलास क्षण भंगुर है। भोग विलास करने के लिए मनुष्य की चेतना का पतन जरूरी है। ये जो बाजार है उसका पहला वार आपकी चेतना पर ही होता है। वह आपसे आपकी निर्णय क्षमता को छीन लेता है। इसके बाद वह आपको समझाता है कि कौन सी क्रीम लगाने सेRead More


भारत में सरकार का मतलब जनता को लूटने के लिए गढा गया  सांचा

संजय तिवारी एक बार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कह रहे थे, मोदी को विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ता। मोदी कहते हैं विरोधी अपना काम कर रहे हैं और मैं अपना। अगर विरोधियों की बात पर ध्यान दूंगा तो कभी काम नहीं कर पाऊंगा। जो नेता ये बात बता रहे थे किसी समय मोदी उनसे मिलने का टाइम मांगते थे। लेकिन टाइम बदला। मोदी अर्श पर चले गये और नेता जी फर्श पर। लेकिन जब ये बात सुनी थी तब मोदी विरोध करनेवाला एक वर्ग विशेष ही था। येRead More


क्या आप जानते हैं अरब देश और भारतीयों मुसलमानों के बीच का अंतर

संजय तिवारी सऊदी अरब, यूएई, ईरान, इराक, कुवैत, बहरीन या फिर तुर्की में कोई गैर मुस्लिमों को इस्लाम कबूल करवाने के चक्कर में नहीं पड़ता। खाड़ी देशों का संघर्ष मजहब का नहीं बल्कि नस्ल का है। इस्लाम उनके लिए डिबेट का हिस्सा नहीं है। उन्हें लगता है ये तो है ही। उनके लिए प्रमुख है उनकी नस्ल। इसलिए अभी हाल में ही सऊदी अरब ने पाकिस्तान की महिलाओं से निकाह पर रोक लगा दिया है। पाकिस्तान या भारत में जहां के मुसलमान दिन रात सऊदी के मुसलमानों से भाईचारा दिखानेRead More


होली के दिन मथुरा वृन्दावन ने खेली थी खून की होली

मथुरा वृन्दावन ने खेली खून की होली संजय तिवारी बात 1757 की है। अहमद शाह अब्दाली एक बार दिल्ली को तहस नहस करने आया था। उसने अपनी एक टुकड़ी मथुरा वृन्दावन की तरफ भी भेज दिया जिसका नेतृत्व सरदार खान कर रहा था। मथुरा में करीब दस हजार जाट सैनिकों ने अपने राजकुमार जवाहर सिंह के नेृतृत्व में अब्दाली की फौज से लोहा लिया लेकिन वो हार गये। इसके बाद मथुरा में जो मारकाट मची, इतिहास आज भी उसका गवाह है। ऐसी लूट हुई कि ऊंटों के काफिले पर सोनाRead More


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