बिहार कथा

 

विधान परिषद की एक-तिहाई सीट हुई खाली

लोकल बॉडी की 24 और विधान सभा कोटे की एक सीट वैकेंट Birendra Yadav. Patna.  16 जुलाई को स्‍थानीय प्राधिकार कोटे के 19 सदस्‍यों के कार्यकाल समाप्‍त होने साथ ही विधान परिषद की एक-तिहाई सीट खाली हो गयी है। तीन विधान पार्षदों के देहांत और तीन के विधान सभा सदस्‍य चुन लिये जाने के कारण 6 सीट पहले से रिक्‍त थी। शुक्रवार को 19 सदस्‍यों का कार्यकाल समाप्‍त होने के साथ ही 75 सदस्‍यीय विधान परिषद की 25 सीट खाली हो गयी हैं। सीतामढ़ी, पटना और भागलपुर सीट से निर्वाचितRead More


लव जिहाद की यह कहानी आप भी जानिए

संजय तिवारी मुन्नीलाल कन्नौजिया की बेटी उमा देवी उरई में ग्राम सेसा की रहनेवाली है। मई 2018 में उसका संपर्क उरई के ही बजरिया मोहल्ला से आरिफ खान से हो गया। दोनों में प्रेम हो गया और आरिफ ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। जब उमा ने आरिफ से शादी करने का फैसला किया तो घर में विरोध हुआ लेकिन हर विरोध को दरकिवार करते हुए उमा अपनी मोहब्बत के साथ चांद तारों की सैर पर निकल गयी। उसने 2018 में ही आरिफ से कोर्ट मैरिज कर लिया।Read More


कल्याण सिंह एक बहादुर योद्धा हैं और राजनाथ सिंह एक कायर साजिशकर्ता

संजय तिवारी भारत का समाज श्रद्धांजलि देनेवाला समाज है। जैसे हम लोगों के मरने की प्रतीक्षा करते रहते हैं। कब मरे और कब हम श्रद्धांजलि देकर अपनी श्रद्धा प्रकट करें। कल्याण सिंह भी इस मानसिकता के शिकार बन रहे हैं। जीते जी कल्याण सिंह की जैसा दुर्दशा पार्टी ने किया है उसे कल्याण सिंह एकदम से तो भूल नहीं गये होंगे? लखनऊ से लेकर दिल्ली तक राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह की कब्र खोदने का काम किया और दुर्भाग्य से राजनाथ सिंह इसमें सफल भी रहे। कल्याण सिंह राजनाथ सिंहRead More


बिहार को स्कूल और योग स्थापित करने वाले संन्यासी की कहानी

संजय तिवारी बात अस्सी के दशक के आखिर की है। स्वामी जी ने मुंगेर में जिस बिहार स्कूल आफ योग को स्थापित किया था, एक झटके में उसे छोडकर निकल गये। देश विदेश में योग का परचम लहराने के बाद एक झटके में उठ खड़े हुए। शरीर पर जो वस्त्र था उसे ही लेकर चल पड़े। सन्यासी तो विरक्त होता है। उसे सांसारिक वस्तुओं से कैसा मोह? वहां से निकले तो बनारस आये और भिखारियों के बीच रहकर भोजन प्रसाद लिया। चाहते तो आराम से कोई कोठी लेकर बनारस मेंRead More


चिराग पासवान के बहाने संतानों की मान्यता की समाजिक हकीकत यह है

संजय तिवारी निम्न वर्ण की महिला जब उच्च वर्ण के पुरुष से विवाह करे तो उससे उत्पन्न होनेवाली संतान को हेय दृष्टि से देखा जाता है। ये भारत की सामाजिक सच्चाई है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन ये तो सिक्के का एक पहलू है। सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि जब उच्च वर्ण की महिला किसी निम्न वर्ण के पुरुष से विवाह करती है तो उसकी संतान को भी निम्न वर्ण के समाज में भी बहुत हेय दृष्टि से देखा जाता है। जिन्हें हम निम्न वर्ण कहतेRead More


विधान परिषद का चुनाव टला, लेकिन मैदान में डटे हैं दावेदार

विधान परिषद का चुनाव टला, लेकिन मैदान में डटे हैं दावेदार वीरेंद्र यादव.  Birendra Yadav  चुनाव या खेल में एक होता है हार जाना और दूसरा होता है खेलने का मौका नहीं मिलना। मैदान में हार जाना पीड़ादायक होता है, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिलना, उससे ज्‍यादा पीड़ादायक और कष्‍टकर होता है। बिहार में स्‍थानीय प्राधिकार कोटे से निर्वाचित 19 विधान पार्षद खेलने का मौका नहीं मिलने का दर्द झेल रहे हैं। पिछले करीब एक साल से अखाड़े की मिट्टी को दूध-पानी से सींच रहे थे, मिट्टी को अपनेRead More


कोरोना संकट में स्वानुशासन

– राकेश सैन गान्धी जी कहा करते थे, कि स्वानुशासन यानी अपने (स्व:) पर अनुशासन किसी सभ्य समाज की कसौटी होता है। उन्होंने ये कहा ही नहीं बल्कि इसको अपने जीवन में लागू भी करके दिखाया और यही कारण रहा कि उनका हर आन्दोलन इस सिद्धान्त की उदाहरण बना। दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से स्तब्ध हुई, अब चुनौती भारत में है। देश के प्राय: सभी हिस्सों में मास्क न लगाने सहित अनेक अनुशासनहीन दृश्य आम हैं। प्रश्न है कि क्या हम आपदाओं को आदतन बुलाते हैं ? सामूहिक व्यवहारRead More


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