बिहार कथा

 

…इस उम्र में सबसे ज्यादा रोमांटिक होती हैं महिलाएं !

इस उम्र में सबसे ज्यादा रोमांटिक होती हैं महिलाएं ! उम्र जब महिलाएं रोमांटिक होती है – उम्र बदलने के साथ पुरुषों से ज्‍यादा बदलाव महिलाओं में देखा जाता है। उम्र के अगले पड़ाव पर पहुंचने पर महिलाओं की पसंद, मूड और स्‍वभाव में भी बदलाव आता रहता है। रोमांस के मामले में महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पाती हैं इसलिए ये पता कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि वो कब रोमांटिक फील कर रही हैं। आज हम आपको बताएँगे वो उम्र जब महिलाएं रोमांटिक होती है ।Read More


Corona Fight : ”राम-रहीम” की जोड़ी बनी संकट मोचक

कोरोना योद्धा : हथुआ में ”राम-रहीम” की जोड़ी बनी संकट मोचक सुनील कुमार मिश्र BiharKatha, Gopalganj. लॉक डाउन के दौरान गरीब,बेसहारा व दिहाड़ी मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गयी है । ऐसे में कस्बाई शहर हथुआ के दो शिक्षकों की जोड़ी ”राम-रहीम” के रूप में जरूरतमंदों के लिए संकटमोचक बने हुए हैं। हथुआ के मनीछापर गांव के शिक्षक हुसैन अब्बास उर्फ विक्की व राकेश पटेल की दिनचर्या अहले सुबह अपने वालेंटियर्स के साथ शुरू होती है ,जो देर रात तक चलती रहती है । दो गाड़ियों में राशन सामग्री,सब्जी व अन्य आवश्यकRead More


कोरोना का कहर ,बेजुबान पर आफत

कोरोना का कहर ,बेजुबान पर आफत साई सेवा संस्थान ने मीरगंज नगर में कराया 150 कुतों को भोजन सुनील कुमार मिश्र बिहार कथा, गोपालगंज.हथुआ अनुमंडल क्षेत्र में लॉक डाउन का साइड इफेक्ट बेजुबान जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है । मटन- चिकन की दुकानें , होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड सेंटर आदि बंद होने से स्ट्रीट डॉग्स की मुश्किलें बढ़ गई है । भूखे प्यासे स्ट्रीट डॉग्स बड़ी संख्या मीरगंज नगर व हथुआ बाजार के मोहल्लों में दिखाई दे रहे हैं । लॉक डाउन की वजह से शहरRead More


गरीबों की मदद के लिए आगे आया हथुआ राज परिवार

सुनील कुमार मिश्र  बिहारकथा, गोपालगंज।कोरोना वायरस से लॉक डाउन हुए कस्बाई शहर हथुआ के जरुरतमंद लोगों के बीच हथुआ राज परिवार की ओर से शनिवार को राहत सामग्री के 500 पैकेट का वितरण किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुबह 9 बजे से हथुआ पैलेस के उत्तरी गेट पर राहत सामग्री का वितरण पूरे दिन किया गया। हथुआ राज परिवार के महाराज कुमार कौस्तुभ मणि प्रताप साही की पहल पर व उनके निजी कोष से शहर के गरीब, बेसहारा और दिहाड़ी मजदूरों के परिवार को भोजन उपलब्ध करानेRead More


हथुआ में संध्या स्वीट्स ने बांटी दस क्विंटल मिठाई

बिहार कथा न्यूज नेटवर्क.गोपालगंज. कोरोना वायरस को लेकर 23 मार्च से 14 अप्रैल तक किए गए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा नुकसान मिठाई व्यवसायियों को हुआ है। स्थिति को देखते हुए गोपालगंज में हथुआ के संध्या स्वीटस के संचालक शंम्भू प्रसाद ने दस क्विंटल मिठाई का वितरण लोगों में किया। मुखिया प्रतिनिधि उपेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में मनीछापर, हथुआ गांव, पीपरपाती, हथुआ बाजार आदि गांवों में लोगों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। संचालक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मिठाई के खराब होने से पहले ही लोगों में बांटRead More


Vuln!! Path it now!!

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गोपालगंज में 200 रुपए ब्याज के लिए गला दबा कर मार डाला

गोपालगंज। गला दबाकर युवक की हत्या। दो सौ रुपए ब्याज नहीं देने पर दिया घटना को अंजाम। कुचायकोट थाने के नेचुआ जलालपुर गांव की घटना। जेब खर्च के लिए गांव के शख्स के पास तीन सौ रुपए में युवक ने मोबाइल रखा था बंधक। मोबाइल देने के लिए गांव का शख्स मांग रहा था पांच सौ रुपए। दो सौ रुपए ब्याज नहीं देने पर गला दबाकर हत्या करने का परिजनों ने लगाया आरोप।


हथुआ से रोजगार छूटा तो चल दिए पैदल ही अपने गांव

रोजगार छूटा तो चल दिए पैदल ही अपने गांव हथुआ से 16 मजदूर पैदल दरभंगा, मधुबनी व मुजफ्फरपुर रवाना सुनील कुमार मिश्र, हथुआ, गोपालगंज। कोरोना वायरस के कहर से रोजगार और धंधे बंद पड़ गए हैं।ऐसे में सबसे ज्यादा मार रोज कमाने-खाने वालों पर पड़ रही है। यह वह वर्ग है, जो गांव-घर छोड़कर शहरों में निजी नौकरी करता है। लेकिन इस वायरस के कारण काम-धंधे बंद हो चुके हैं। शुक्रवार की शाम हथुआ के संध्या स्वीट्स में काम करने वाले 16 कारीगर और श्रमिक पैदल ही हथुआ से दरभंगा,Read More


कोरोना क्रांति के बाद क्या होगा दुनिया में

कोरोना क्रांति के बाद क्या होगा दुनिया में अरुण कुमार त्रिपाठी कोविड-19 अगले छह महीने में खत्म होगा या उससे भी जल्दी, कुछ ठीक ठीक कहा नहीं जा सकता। लेकिन एक बात जरूर है कि इसका प्रभाव खत्म होने के बाद दुनिया का आख्यान वह नहीं रहेगा जो आज है। बीसवीं सदी की महान उपलब्धियों पर गर्व करने वाले इजराइली इतिहासकार जुआल नोवा हरारी और उनसे प्रभावित बौद्धिकों को सोचना होगा कि हमारी अजेय वैज्ञानिक क्षमताएं वास्तव में कितनी अजेय हैं। कुदरत अभी भी हमसे ज्यादा ताकतवर है या हमRead More


छोटी-छोटी उपलब्धियों को सहेज कर बड़े बने लालू

छोटी-छोटी उपलब्धियों को सहेज कर बड़े बने लालू गोपालगंज से रायसीना-1 ———- वीरेंद्र यादव ————— पिछले दिनों दो साथियों ने दो पुस्‍तकें दी थीं पढ़ने के लिए। अरुण नारायण ने लालू यादव की आत्‍मकथा ‘गोपालगंज से रायसीना’ दी थी, जबकि नवल किशोर ने ‘बिहार की चुनावी राजनीति’ भेजी थी। पहली पुस्‍तक में लालू यादव की राजनीतिक यात्रा उनके ही शब्‍दों में लिखी गयी है तो दूसरी पुस्‍तक में बिहार की राजनीति के ‘लालू युग’ का आंकड़ों में अध्‍ययन किया गया है। इस पुस्‍तक में 1990 से 2017 तक के राजनीतिकRead More


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