बिहार कथा

 

बिहार का वह स्थान जहां अंधे ऋषि को मिली थी रोशनी, रामायण काल में आए थे श्रीराम

बिहार का वह स्थान जहां अंधे ऋषि को मिली थी रोशनी, रामायण काल में आए थे श्रीराम सारण। बिहार के प्राचीनतम शहरों मं शुमार गौतम स्थान रिविलगंज में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा व सरयू नदी के संगम स्थली पर हर साल लगने वाला गोदना-सेमरिया नहान मेला धार्मिक, पौराणिक तथा ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां हजारों की संख्या में लोग सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं तथा पुण्य के भागी बनते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां विशालRead More


क्या आप अलबर्ट एक्का को जानते हैं, वे बिहार के थे

क्या आप अलबर्ट एक्का को जानते हैं, वे बिहार के थे बिहार कथा, डेस्क, पटना. अलबर्ट एक्का का जन्म 27 दिसम्बर, 1942 को तब के बिहार और आज के झारखंड के गुमला जिला के डुमरी ब्लाक के जरी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम जूलियस एक्का, माँ का नाम मरियम एक्का और पत्नी का नाम बलमदीन एक्का था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सी सी स्कूल पटराटोली से की थी और माध्यमिक परीक्षा भिखमपुर मिडल स्कूल से पास की थी। इनका जन्म स्थल जरी गांव चैनपुर तहसील में पड़ने वालाRead More


बिना दसवीं या इंटर पास किए भी कर सकते हैं ग्रेजुएशन

बिना दसवीं या इंटर पास किए भी कर सकते हैं बिहार कथा डेस्क.पटना. अगर किसी कि पढ़ाई बीच में ही छूट गई है और वह आगे पढ़ना चाहता है तो इग्नू आपको वो मौका देता है. दरअसल, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी 6 महीने का एक कोर्स संचालित कर रहा है। जिसमें कोई भी व्यक्ति, चाहे किसी भी उम्र का हो वह इस कोर्स के माध्यम से ग्रैजुएशन कर सकता है। बता दें, इग्नू द्वारा लगभग 200 कोर्स संचालित किए जाते हैं, जो अन्य केंद्रों में नहीं मिलेंगे। इग्नू स्टडीRead More


दुनिया में एक ईमानदार और ताकतवर इंसान एक साथ नहीं मिला

यह देश क्या ऐसे ही चलेगा? पुष्यमित्र हम रघुवर दास को चुनाव में हरा कर खुश हो जाएंगे और हेमन्त सोरेन के व्यक्तित्व में खूबियाँ तलाशने लगेंगे। हम कहने लगेंगे बन्दा बहुत सहज है, अपना जैसा लगता है। रघुवर दास जैसा एरोगेंट नहीं है, जो अपने कार्यकर्ताओं तक को नहीं तरजीह देता था। हम नीतीश को हरा देंगे और फिर तेजस्वी को सत्ता दे देंगे। मोदी को हरा कर राहुल को ले आएंगे। फिर एक रोज समझ आएगा कि ये लोग ढीले हैं, भ्रष्टाचार को तरजीह देने वाले हैं औरRead More


BPSC की ऐसी लापरवावही : एक चूक और चली गई पांच की नौकरी

पटना। बीपीएससी की एक छोटी-सी चूक से पांच लोगों के हाथों से नौकरी ही छीन ली। इस बार कृषि विभाग के अधिकारियों की टाइपिंग की एक चूक ने पांच अभ्यर्थियों के हाथों में आई नौकरी पर ग्रहण लगा दिया था। विभाग की इस गलती से अत्यंत पिछड़ा वर्ग की पांच सीटें पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गईं। इसी रोस्टर पर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने परीक्षा ले ली। रिजल्ट जारी हो गया। जब पिछड़ा वर्ग से चुने गए पांच अभ्यर्थी कृषि विभाग में ज्वाइनिंग के लिए गए तोRead More


तेजप्रताप-ऐश्वर्या की शाही शादी कैसे पहुंची तलाक तक,

जानिए इस शादी और तलाक की वजह पटना. राष्टीय जनता दल के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है जिसमें कोर्ट ने तेजप्रताप को पत्नी ऐश्वर्या को प्रति माह गुजारा भत्ता के लिए 22000 रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने उन्हें दो लाख की राशि अलग से केस लड़ने के लिए देने को कहा है। पटना के फैमिली कोर्ट में तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के तलाक मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। राबड़ी देवीRead More


मल्लिनाथा

मल्लिनाथा पुुष्यमित्र केे फेसबुक से साभार तकरीबन तीन हजार साल पहले मिथिला में एक राजकुमारी हुआ करती थी, मल्लिनाथा। वह दिव्य सुंदरी थी। इतनी सुन्दर थी कि उसकी खूबसूरती का जिक्र सुनकर छह अलग अलग राजाओं ने उसके पिता के पास उससे विवाह का प्रस्ताव भेज दिया। मल्लिनाथा सिर्फ सुंदरी नहीं थी, वह कला मर्मज्ञ और विदुषी भी थी। उसके पिता को इनमें से किसी राजा का प्रस्ताव अपनी सर्वगुण सम्पन्न पुत्री के लिये नहीं जंचा। उन्होंने इनकार कर दिया। इस इनकार को वे राजा बर्दास्त नहीं कर पाए। उनRead More


कैसे बचेगा हमारा लोकतंत्र ?

Dhruv Gupt देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द्र, जनकल्याण, धर्मनिरपेक्षता और विकास की बातें अब बेमानी लगने लगी हैं। मतों का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण आज राजनीति का सबसे कारगर अस्त्र है। लोकतंत्र की इस हालत के लिए भाजपा ही नहीं, सभी सियासी दल समान रूप से ज़िम्मेदार हैं। तमाम गैर भाजपाई पार्टियां दशकों तक मुस्लिमों को मूर्ख बनाकर अपने पक्षमें उनके मतों के ध्रुवीकरण की अथक कोशिशें करती रही हैं। मुस्लिमों की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति सुधारने की जगह उन्हें अपना वोट बैंक बनाने के लिए उन्होंने उनकीRead More


रंगवा में भंगवा परल हो बटोहिया !

ध्रुव गुप्त लोकभाषा भोजपुरी की साहित्य-संपदा की जब चर्चा होती है तो सबसे पहले जो नाम सामने आता है, वह है स्व भिखारी ठाकुर का। वे भोजपुरी साहित्य के ऐसे शिखर हैं जिसे न उनके पहले किसी ने छुआ था और न उनके बाद कोई उसके आसपास भी पहुंच सका। भोजपुरिया जनता की जमीन, उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं, उसकी आशा-आकांक्षाओं तथा राग-विराग की जैसी समझ भिखारी ठाकुर को थी, वैसी किसी अन्य भोजपुरी कवि-लेखक में दुर्लभ है। वे भोजपुरी माटी और अस्मिता के प्रतीक थे। लगभग अनपढ़ होने केRead More


छात्र आंदोलन, उपद्रव और पुलिस

पुष्यमित्र ———————– यह मेरे जीवन का संयोग रहा है कि इन तीनों से मेरा वास्ता रहा। पहले 11वीं कक्षा में नवोदय में आंदोलन किया, फिर मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान आंदोलन किया। पहले आंदोलन का मसला सुविधाओं का अभाव और स्कूल में फैला भ्रष्टाचार था, दूसरा आंदोलन डिग्री की वैधता पर संकट की वजह से था। नवोदय में हम छात्र अपने लिए निर्धारित सुविधाएं, मेस के खराब भोजन और स्कूल प्रबंधन के भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन उग्र था, मगर कमोबेस अहिंसक था। आखिरकार एकRead More


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