कलेक्टर पति के सरकारी आवास के सामने धरने पर बैठी पत्नी

जमुई। यूपीएससी की परीक्षा में 25वां रैंक लाने वाले धर्मेंद्र कुमार को क्या पता था कि उनका वैवाहिक जीवन इतनी जल्दी तबाही के कगार पर पहुंच जाएगा। धूमधाम से बड़े परिवार में हुई शादी कुल तीन साल ही चल पाई थी कि उनको तलाक के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी और खुद उनके खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज हो गया। मामला यहीं तक नहीं रुका। नाराज पत्नी पहले महिला आयोग की शरण में चली गईं, फिर मां के साथ बुधवार की सुबह जमुई स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। जिलाधिकारी आवास पर सुबह से शाम तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
आईएएस (वर्तमान में जमुई के जिलाधिकारी) धर्मेन्द्र कुमार की पत्नी वंशिका सिंह अपनी मां के साथ सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनके सरकारी आवास के मुख्य द्वार पर पहुंची और अंदर जाने का प्रयास किया। सुरक्षा गार्ड ने कुछ देर रोका मगर तमतमाईं वंशिका को ज्यादा देर नहीं रोक सका। वे अपनी मां के साथ आवास परिसर में पहुंच गईं, जहां दोनों को बताया गया कि डीएम जमुई से बाहर हैं, मगर वे डटी रहीं। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गयी।
मीडियाकर्मी अभी पहुंच कर फोटोग्राफ के लिए प्रयास ही कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर फोटो आने लगे। वंशिका पेपर बिछाकर जमीन पर बैठ गईं। इस दौरान महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंची। एसडीएम लखीन्द्र पासवान, एसडीपीओ रामपुकार सिंह भी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने मैडम को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थीं।
मीडियाकर्मी प्रयास करके भी डीएम की पत्नी से बात नहीं कर सके। शाम तक यही नजारा रहा। इस संबंध में टेलीफोन पर बातचीत में डीएम ने कहा कि अगर कोई जमीन पर बैठ रहा हो तो हम क्या कर सकते हैं। न्यायालय पर पूर्ण आस्था है। पत्नी के साथ न्यायालय में मामला चल रहा है। जो भी फैसला आयेगा, उसे मानेंगे। डीएम ने यह भी कहा कि पूर्व में भी दहेज प्रताड़ना में पूरे परिवार वालों को फं





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