बिहार कथा
कोर्ट ने कहा इसलिए डरती हैं लड़कियां कि ….!!
मुंबई। मुंबई की एक अदालत ने टिप्पणी की कि यह भारतीय समाज का दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है कि लड़कियां अब भी डरती हैं कि जब तक वे शादी नहीं करेंगी तब तक उन्हें समाज में सम्मान नहीं मिलेगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एच सी ंिशदे ने 51 वर्षीय व्यक्ति को 2007 में एक महिला का बलात्कार करने के जुर्म में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए हाल में ये टिप्पणियां कीं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी ने महिला पर से बुरी शक्तियों का असर खत्म करने के लिए कुछRead More
हथुआ महावीरी अखाडा की यादें : लात जूता खाएंगे-बाईजी नचाएंगे से चली परंपरा और पाउच पीके डमघाऊंच
संजय कुमार. बिहार कथा. हथुआ, गोपालगंज. पुरानी स्मृतियों में जाइए. हथुआ का महावीरी अखाडा न जाने कब से इतना फेमस है. अनेक लोग दूर दूर से आते हैं. दूसरे के रिश्तेदारी निकाल कर यह मेला देखने के बहाने हथुआ आते हैं. बात नब्बे के दशक की है. शुरुआती दौर में अखाडा उठाने वाले गांव के लोगों का इस बात पर जोर रहता था कि उनमें ज्यादा से ज्यादा लाठी के साथ जय हो जय हो के जयकारे लगे. इसमें लाठी भांजने का शानदार प्रदर्शन भी. गांव के हर किशोर युवाRead More
अरूण जेटली टेबल राजनीति के खिलाडी व सिब्बल के क्लोन थे
Vishnu Gupt अरूण जेटली टेबल राजनीति के सिद्ध खिलाडी थे। टेबल राजनीति के सिद्ध होने के कारण ही वे राजनीति के शिखर पर पहुचे थे।आम आदमी से इनका कोई लेना-देना नहीं होता था, बडे और पेजथ्री संस्कृति के लोग ही इनके नजदीक होते थे। उन्होंने कोई संसदीय चुनाव नहीं जीता। ——— नरेन्द्र मोदी लहर में 2014 में अमृतसर लोकसभा सीट से जेटली चुनाव हार गये थे फिर भी उन्हें नरेन्द्र मोदी मत्रिमंडल मे जगह मिली। ——– अभी तक इस तथ्य का कोई राज सामने आया नही है कि अरूण जेटलीRead More
बहुत तेज होता है मच्छरों का दिमांग, उसके बारे में यह बात नहीं जानते होंगे आप
नई दिल्ली, जेएनएन। मच्छर दुनिया के सबसे खतरनाक जीवों में से एक है। दरअसल मच्छर एक ऐसा जीव है, जिसकी वजह से हर साल लाखों लोग की मौत हो जाती है। जी हां, मच्छर की वजह से हर साल 10 लाख से ज्यादा इंसानों की मौत होती है। मच्छर सिर्फ इंसानों के लिए खतरनाक ही नहीं है बल्कि इसकी याददाश्त भी काफी तेज होती है। कहा जाता है कि अगर कोई इंसान मच्छर को मारने का प्रयास करता है तो वो उसके पास नहीं आता है। एक रिपोर्ट में सामने आयाRead More
यौन कुंठाओं के प्रदर्शन का महावीरी आखाडा
संजय कुमार गोपालगंज में प्रशासन ने महावीरी आखाडें पर बंदिश नहीं लगाई थी. फरमान केवल आर्केस्ट्रा और उसमें होने वाले अद्धनग्न कपडे पहनी लडकियों के नाच पर नकेल का था. लेकिन ऐसी फूहडा में मन रमाने वाले गोपालगंज के युवाओं ने इसे दूसरा रूप देकर प्रचार प्रसार किया. महावीर जी की पूजा शौर्य के रूप में होती रही है. इस मेले में पहले पहलवान लडते थे. लाठी, भाला, फरसा, फट्ठा आदि के साथ जुलूस निकलने की बडी की मजबूत परंपरा रही है. लेकिन गत तीस साल से यह सबRead More
साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्था ‘आगमन’ का सिवान में पदार्पण
साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्था ‘आगमन’ का सिवान में पदार्पण बिहारकथा। सीवान। साहित्य, कला और संस्कृति को समर्पित एक राष्ट्रीय संस्था ‘आगमन’ का सिवान में पदार्पण साहित्य और कला उत्सव बिहार की एक उल्लेखनीय सांस्कृतिक घटना है। इस मौके पर देश भर के नवोदित, उदीयमान तथा स्थापित कवि एवं कवयित्रियों का एक सम्मेलन के साथ -साथ साहित्यिक प्रतिभा से सम्पन्न बच्चों की कुछ बेहतरीन प्रस्तुतियां हुईं। ‘आगमन’ अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन के नेतृत्व में देश के कोने-कोने में घूम-घूमकर और प्रतिभाओं को संगठित कर साहित्य,Read More
रक्षाबंधन : हे कर्णावती! मत भेजना हुमायूँ को राखी
अवधेश कुमार ‘अवध’ सावन के महीने में शुक्लपक्ष की पूर्णिमा के दिन राखी का त्यौहार न सिर्फ भारत बल्कि कई अन्य देशों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। रक्षा बंधन का यह पर्व सिर्फ भाई – बहन तक सीमित न होकर गुरु – शिष्य, पिता – पुत्री, वरिष्ठ – कनिष्ठ, मामी – भांजा, मनुष्य – वृक्ष आदि सामाजिक व पारिवारिक रिश्तों के बीच भी होता है। आज के समय में कई प्रकार की राखियों से बाजार भरा पड़ा है किन्तु इन सबके बीच एक ही सत्य कायम है किRead More
