कन्हैया के गांव में समय से पहले ही आ गयी होली और दिवाली

kanhaiya_kumar jnuबेगूसराय। बेगूसराय में जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के गांव में होली और दिवाली दोनों ही त्यौहार समय से पहले आ गए हैं तथा उसके परिवार एवं ग्रामीण उसे सशर्त जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर खुशियां मना रहे हैं। कन्हैया के पिता जयशंकर सिंह ने कहा, हमें अपने बेटे कन्हैया कुमार के राजद्रोह के आरोपों पर गिरफ्तारी के बाद से पहली बार तनाव और चिंता से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा, वैसे तो उसे पाक साफ करार दिया जाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में उसके शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है लेकिन फिर भी अदालत का अपना विवेक है। हम कन्हैया पर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हैं। कल शाम अदालत का आदेश सुनने के बाद कन्हैया के रिश्तेदारों ने उसके पिता जयशंकर और मां मीना देवी के चेहरे पर गुलाल लगाकर होली मनायी। कन्हैया के छोटे भाई प्रिंस कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने इस खुशखबरी पर पटाखे भी जलाए। लोग कन्हैया की रिहाई पर अपनी खुशी प्रकट करने के लिए कल रात से ही जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बरौनी थानाक्षेत्र में बिहट गांव के मसनादपुर टोले में कुमार के घर पहुंच रहे हैं। जेएनयूएसयू अध्यक्ष के 61 वर्षीय पिता ने कहा कि परिवार के कुछ सदस्य कन्हैया की रिहाई के बाद उसके साथ होने के लिए दिल्ली गये हैं। सिंह ने कहा, उसे तत्काल घर बुलाने की कोई योजना नहीं है। वह अपने विश्वविद्यालय जाएगा और अपने साथियों से मिलेगा जो संकट के दौरान उसके साथ खड़े रहे। जयशंकर सिंह को दो साल पहले लकवा मार गया था और वह यहां अपने घर में ही हैं। कन्हैया की मां मीना देवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। बिहार के नालंदा ओपेन विश्वविद्यालय से स्नातोकोत्तर करने के बाद कन्हैया अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में एमफिल करने वर्ष 2011 में जेएनयू चला गया था और वह फिलहाल अपने पीएचडी के अंतिम वर्ष में है।

जानकारी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने कन्हैया को सशर्त जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वह इस मामले की जांच में दिल्ली पुलिस का सहयोग करे. इसके साथ ही कोर्ट ने उसे 10 हजार रुपये का बेल बॉन्ड भरने का भी निर्देश दिया. जमानत मिलने पर खुशी जताते हुए कन्हैया के भाई मणिकांत ने कहा कि सत्य की जीत हुई है. यह लड़ाई आगे जारी रहेगी. जस्टि‍स प्रतिभा रानी ने कन्हैया कुमार को किसी प्रकार की ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में’ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाग लेने से मना करते हुए कहा कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष की हैसियत से वह परिसर में किसी भी तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधि पर काबू पाने के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हर संभव प्रयास करेंगे. यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी जमानत निरस्त हो सकती है.

जेएनयू और घर में है उत्सव का माहौल
कन्हैया को जमानत मिलने के बाद जेएनयू में उत्सव का माहौल देखा गया. विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने कन्हैया के समर्थन में नारे लगाए जिनमें ज्यादातर वामपंथ समर्थक छात्र थे. छात्रों का एक समूह जोर से नारे लगा रहा था, ‘हम खुश हैं, हम खुश हैं.’ उसके गृहनगर बिहार के बेगूसराय में परिजनों और समर्थकों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया.

हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा और सबूत
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि टीवी फुटेज के अलावा इस मामले में कोई और सबूत है कि नहीं. इस पर अभियोजन पक्ष ने कहा कि हमारे पास कई सबूत हैं. इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के अलावा कई स्वतंत्र गवाह भी हैं. इनमें जेएनयू के चीफ सिक्योरिटी अफसर के अलावा तीन अन्य छात्र शामिल हैं.

सीसीटीवी की निगरानी में था कन्हैया
बताते चलें कि कन्हैया कुमार को न्यायिक हिरासत में दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया था. जेल में उसकी सुरक्षा इतनी मजबूत की गई थी कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था. उसकी सुरक्षा के लिहाज से हर संभव सावधानी बरती जा रही थी. न सिर्फ उसे अलग सेल में रखा गया था, बल्कि खाने-पीने की जांच से लेकर उसके सेल पर हर पल सीसीटीवी की निगरानी रखी जा रही थी.






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