कमाने के लिए इराक गए सीवान के चार युवक गायब!

siwan 4 youth gone to mosul in iraqरोटी की तलाश में खाड़ी देश गए चार युवकों का नहीं है कोई पता
14 जून 2014 के बाद से बंद है चारों युवकों के मोबाइल
सीवान से दिल्ली तक अधिकारियों के पास कई बार लगा चुके हैं गुहार परिजन
इराक के मोसुल की एक कंसट्रक्शन कंपनी में रीगर के पद पर गए थे काम करने
सीवान। जिले के चार युवक रोजी-रोटी की तलाश में 19 सितंबर, 2013 को खाड़ी देश इराक के मोशुल शहर में एक कंसट्रक्शन कंपनी में रीगर के पद पर काम करने के लिए गए. नौ माह तक चारों युवक अपने परिवार के संपर्क में रहे तथा अपने घरवालों को पैसे भी भेजा. लेकिन 14 जून, 2014 के बाद जब चारों युवकों का न तो कोई फोन और न पैसे आए, तो उन्हें चिंता सताने लगी. दो-तीन माह तो किसी तरह गुजरा. लेकिन उसके बाद से चारों युवकों के परिवारवाले उन्हें खोजने लगे. खाड़ी देश कमाने गए चारों युवकों में मैरवा थाने के हरपुर का धर्मेंद्र खरवार, मैरवा सिंसवां का अदालत सिंह, मैरवा तितरा का राजू यादव और मुफस्सिल थाने के टड़वा गांव का सुनील कुमार सिंह है.
सुनील कुमार सिंह का छोटा भाई अनिल कुमार कुशवाहा ही अपने भाई सहित उसके तीनों दोस्तों को खोजने में लगा है. अनिल का कहना है कि सीवान से लेकर दिल्ली तक अपने भाई व उसके दोस्तों को पता लगाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक चुका है. उसने बताया कि बस एक जबाब मिलता है खोजने का काम चल रहा है. चारों दोस्त मोसुल के तरीक नूर अलहुदा कंसट्रक्शन कंपनी में काम करने के लिए गए थे. सुनील के पिता सिंचाई विभाग में केनाल मेठ थे. उनकी नौकरी के दौरान ही 2009 में मौत हो जाने के बाद उसकी मां किसमती देबी को अनुकंपा पर नौकरी तो मिली लेकिन परिवार को चलाना मुश्किल हो रहा था.
मां ने जुगाड़ से जुटाया था पैसा
सुनील की जिद्द पर मां ने पैसों की जुगाड़ कर किसी तरह अपने बेटे को विदेश में नौकरी करने के लिए भेज दिया. लेकिन उसकी मां को यह पता नहीं था कि उसका बेटा लापता हो जाएगा. सिंचाई विभाग में बस एक साल की ही नौकरी बची है. उसके दो बेटों की शादी करनी बाकी है. सुनील की पत्नी पूनम देवी अपने दो बच्चों के साथ पति की याद में बेसुध है.
व्यवस्था से विश्वास उठा
परिवार के लोगों को वर्तमान सरकारी व्यवस्था से विश्वास करीब उठ चुका है. सुनील का भाई सांसद ओमप्रकाश यादव के साथ दिल्ली गया और वहां कई विभागों में अपने भाई का पता लगाने के लिए अर्जी दी लेकिन अब तक कुछ पता नहीं चल सका.






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