मैट्रिक कॉपी की जांच के लिए 8 दिन लगे रहे 7 शिक्षक

मैट्रिक कॉपी की जांच के लिए 8 दिन लगे रहे 7 शिक्षक

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एक ओर शिक्षकों की कमी से ज्यादातर हाई स्कूलों में ताला लटका है। दूसरी ओर, मैट्रिक के होम साइंस विषय की आठ कॉपी की जांच के लिए आठ दिनों तक सात शिक्षकों को तैनात कर रखा गया। आठ दिनों बाद छह शिक्षकों को बगैर मूल्यांकन कराए मंगलवार को मूल्यांकन केंद्र से विरमित कर दिया गया। इस गड़बड़झाला ने विभागीय अधिकारी व बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की कार्यशैली की पोल खोलकर रख दी है। मामला जिला मुख्यालय स्थित ओमर बालिका उच्च विद्यालय स्थित मूल्यांकन केंद्र से जुड़ा है। गौरतलब है कि शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाए जाने के कारण ज्यादातर हाई स्कूलों में ताला लटक गया है। वहीं कई विद्यालय एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है।
मालूम हो कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मैट्रिक कॉपी की जांच का काम 13 मार्च से शुरू होना था। बोर्ड के निर्देश पर शिक्षकों ने कॉपी जांच के लिए मूल्यांकन केंद्र में योगदान भी कर लिया। ओमर बालिका हाई स्कूल में 350 शिक्षकों ने कॉपी जांच के लिए योगदान किया। 19 मार्च तक इस केंद्र पर जांच के लिए कॉपी पहुंची ही नहीं थी। ऐसे में कॉपी जांच के लिए नियुक्त शिक्षक आठ दिनों से बिना काम किए वापस लौट जा रहे थे। हद तो तब हो गयी जब मंगलवार को होम साइंस विषय के लिए सिर्फ 10 कॉपियां पहुंची। इस विषय की कॉपी जांच के लिए 7 शिक्षिकाओं ने योगदान कर रखा था। लिहाजा, मूल्यांकन निदेशक ने एक परीक्षक को छोड़ अन्य शिक्षिकाओं को बिना काम कराए विरमित कर दिया।
कहती हैं मूल्यांकन निदेशक
ओमर बालिका उच्च विद्यालय स्थित मूल्यांकन केंद्र पर लंबी प्रतीक्षा के बाद मंगलवार को होम साइंस की सिर्फ दस कॉपियां जांच के लिए उपलब्ध कराई गई। ऐसे में ज्यादा परीक्षकों को रखने का कोई औचित्य नहीं था। एक परीक्षक को छोड़कर अन्य सभी को विरमित कर दिया गया। विभागीय मार्गदर्शन के बाद ही हॉल्टेज या टीए का भुगतान ऐसी शिक्षिकाओं का होगा।
स्वर्णिमा कुमारी, मूल्यांकन निदेशक, ओमर बालिका स्कूल
परीक्षकों की सुविधा की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
बेगूसराय। मूल्यांकन केंद्र पर कॉपी की जांच कराए बगैर विरमित सभी परीक्षकों को हॉल्टेज या टीए की सुविधा मिलनी चाहिए। इसमें किसी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कहा कि बोर्ड के निर्देश पर ही शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्र पर योगदान किया था। इस दौरान केंद्र पर उनका आना-जाना लगा रहा। कई शिक्षक आठ किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर मूल्यांकन केंद्र पहुंचते थे। ऐसे में उन्हें हॉल्टेज या टीए का लाभ मिलना चाहिए। इधर, संघ के नगर सचिव रंधीर कुमार ने भी इन सुविधाओं को मुहैया कराने की मांग अधिकारियों से की।






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