बिहार के जेलों में मिलेगा चाइनिज चाऊमीन

जेलों में लजीज नाश्ता व स्नैक्स का आनंद ले सकेंगे कैदी, मिलेगा स्मार्ट कार्ड
पटना.राज्य के 11 जेलों में 15 नवम्बर से कैंटीन की सुविधा उपलब्ध होगी। यानी कैदी जेल में मिलनेवाले खाने से इतर नाश्ता और स्नैक्स का भी आनंद ले सकते हैं। नाश्ते के साथ कैदी रोजाना उपयोग में आनेवाले सामान भी कैंटीन से खरीद सकते हैं। बेउर जेल में कैंटीन के सफलतापूर्वक काम करने के बाद राज्य के अन्य 48 जेलों में भी इसे शुरू किया जाना है। फिलहाल 11 अन्य जेलों में इसकी शुरुआत होने जा रही है। समोसा, चाउमीन, चिकेन चिल्ली, ब्रेड पकौड़ा और जलेबी जैसे अन्य नाश्ते कैंटीन में उपलब्ध होंगे। बड़े जेलों के मुकाबले छोटे जेलों में नाश्ते की वेराइटी कम होंगे लेकिन समोसा और चाउमीन आदि हर हाल में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा रोजाना उपयोग में आनेवाले टूथ-पेस्ट, कंघी, साबून, तेल, शैम्पू आदि सामान भी कैंटीन में मिलेंगे।

कैंटीन के लिए वित्तीय मदद : जेलों में कैंटीन शुरू करने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय मदद दी जा रही है। केन्द्रीय जेलों के लिए 50 हजार, मंडल कारा के लिए 30 और उपकारा के लिए 20 हजार की राशि तय की गई है। यह पैसे कैंटीन शुरू करने के लिए दी जा रही है। इसके बाद कैंटीन का संचालन कैदियों के समूह द्वारा किया जाएगा। हालांकि कैंटीन के संचालन पर नजर रखने के लिए जेल के एक अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी। मुनाफे का दस प्रतिशत हिस्सा बंदी कल्याण कोष में जाएगा।

खर्च के लिए कैदियों को स्मार्ट कार्ड : जेल में कैदी अपने पास नकद नहीं रख सकते। पर वह आवश्यकता के अनुसार घरवाले या परिचित से पैसे मंगाकर जेल प्रशासन के पास जमा करा सकते हैं। कैंटीन के खर्च के लिए कैदी उस पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें एक स्मार्ट कार्ड दिया जाता है। कैंटीन से खरीदारी इसी स्मार्ट कार्ड से होगी। बेउर में यह व्यवस्था लागू है। कैदी जबतक मशीन पर अंगूठे का निशान नहीं लगाता उसके कार्ड से पैसा नहीं कटेगा। पर्ची के साथ मशीन से आवाज भी आती है, जिससे अनपढ़ कैदी को भी पता चल जाता है कि कितने रुपए कटे। – with thanks from  हिन्दुस्तान






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