भीम ने अपने पितरों की मोक्ष के लिए गया जी में किया था पिंडदान

भीम ने अपने पितरों की मोक्ष के लिए गया जी में किया था पिंडदान
नौ सितंबर से प्रारंभ होकर 25 सितंबर तक चलेगा पितृपक्ष

गया : पितृपक्ष नौ सितंबर से प्रारंभ होकर 25 सितंबर तक चलेगा। अपने पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर काफी संख्या में पिंडदानी पितृपक्ष में गया आते है। फल्गु के पवित्र जल से पिंडदान कर अपने पितरों के मोक्ष की कामना करते है। गया में स्थित 54 वेदियों में एक भीम गया वेदी भी है। भीम गया वेदी शहर के दक्षिणी क्षेत्र में मंगलागौरी मंदिर जाने वाले रास्ते पर स्थित है। कई सीढ़ियों चढ़कर भीम गया वेदी तक पिंडदानी पहुंचते है। जहां पिंडदानी पिंडदान करते है।

भीम के घुटने का निशान आज भी मौजूद
पितृपक्ष में पिड़वेदी पर पिंडदानियों की भीड़ लगी रहती है। गयापाल पुरोहित महेश लाल गुपुत ने कहा कि महाभारत काल के बाद भीम ने अपने पितरों की मोक्ष के लिए पिंडदान किया था। भीम ने घुटने के बल पर बैठक कर पिंडदान किया था। भीम के घुटने का निशान आज भी पिंडवेदी के पास देखा जाता है। पिंडदानी गोलाकार जौ का आटा, मधु, गुड़, पंचमेवा, काला तिल, एवं घी मिलाकर पिंडदान करते है। भीम गया पिंडदान करने से पितरों के मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पिंडवेदी का किया जा रहा जीर्णोद्धार
भीम गया वेदी काफी जर्जर हो गया था। लेकिन इस साल पिंडवेदी को जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पितृपक्ष से पहले पिंडवेदी मरम्मति का काम पूरा हो जाएगा। फर्श से लेकर छत तक मरम्मति किया जा रहा है। जिससे पिंडदानियों को कर्मकांड करने में किसी तरह के परेशानी नहीं हो।

ऐसे पहुंचे पिंडवेदी तक
भीम गया वेदी शहर के दक्षिण क्षेत्र में स्थित है। वैतरणी सरोवर से पश्चिम और उत्तर दिया दिशा में मंगलागौरी मंदिर जाने वाले रास्ते पर स्थित है। वहीं रेलवे स्टेशन से पिंडवेदी की दूरी चार किलोमीटर है। जबकि घुघरीटांड बाइपास से पिंडवेदी की दूरी आधा किलोमीटर एवं विष्णुपद मंदिर से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित है। पिंडवेदी तक पहुंचने पिंडदानियों को आवागमन में किसी तरह के परेशानी नहीं होती है।






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