आखिर लालू के साथ मंच पर क्यों नहीं आ रहे सुशासन बाबू

nitish kumarपटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद एक बार फिर मंच साझा नहीं करेंगे। इससे जदूय और राजद के साथ आने में आ रही अड़चनों को लेकर जारी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के साथ नीतीश और लालू को पटना के गांधी मैदान में शनिवार को आयोजित निषाद महारैली में भाग लेना था। इस रैली को आगामी सितंबर-अक्टूबर में बिहार विधानसभा चुनाव के कारण उनकी एकजुटता के रूप में देखा जा रहा था। नीतीश इस रैली का उद्घाटन भी करने वाले थे।
नीतीश ने नहीं शामिल होने की घोषणा करते हुए शनिवार को बताया कि हाल में आंख की लेजर सर्जरी कराने के कारण वह रैली में भाग नहीं ले पा रहे हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावास निर्माण कार्य की शुरुआत करने के बाद पत्रकारों द्वारा रैली में भाग लेने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आंख के आॅपरेशन के कारण रैली में शामिल नहीं होने के बारे में उन्होंने आयोजकों को सूचित कर दिया है।
जनता परिवार के छह घटक दलों के विलय को लेकर शुरू किए गए प्रयास के बाद ऐसा दूसरी बार हुआ है जब बड़े भाई लालू प्रसाद और छोटे भाई नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित किसी रैली में मंच साझा नहीं किया। इससे पहले19 अप्रैल को नीतीश ने पटना के गांधी मैदान में प्रजापति समुदाय द्वारा आयोजित रैली में लालू के साथ मंच साझा नहीं किया था जिससे बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व जेडीयू और आरजेडी के विलय या गठबंधन होने के संशय को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी थीं। वहीं शनिवार को आयोजित निषाद रैली में प्रमुख भूमिका निभा रहे बिहार के पशु एवं संसाधन मंत्री बैद्यनाथ साहनी ने इसमें किसी प्रकार की राजनीति की बात से इनकार करते हुए कहा कि नीतीश जी अपने आंख के आॅपरेशन के कारण शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और प्रदेश के अन्य दो मंत्री और दोनों दलों के कई अन्य नेता इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।






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