गोपालगंज : निबंधन कार्यालय में वेंडरों की मनमानी
* निबंधन कार्यालय मे दलालो का कब्जा
* कीमत से डेढ़ गुना अधिक में बेच रहे हैं स्टांप
गोपालगंज:—- जिला मुख्यालय मे स्थित निबंधन कार्यालय मे इन दिनों भ्रष्टाचारियों का अड्डा बना हुआ है।भ्रष्टाचार का आलम यह है कि स्टैंप वेंडर द्वारा स्टाम्प निर्धारित कीमत से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं, इसका खुलासा जनादेश एक्सप्रेस ने किया । जब हमने पड़ताल की तो इस भ्रष्टाचार के शिकार लोग सदैव मुंह खोलने से कतराते रहते हैं । मामले की जानकारी मिलने पर जनादेश एक्सप्रेस के संवाददाता ने इस तरह के भ्रष्टाचार को उजागर करने के उद्देश्य से स्वयं खरीदार बनकर सौ रुपए के स्टांप पेपर खरीदे , तब जाकर इस बात की पुष्टि हुई । सौ रुपए के स्टांप पेपर को कैमरे के सामने 150 रुपए में दिए जाने कि बात कही । मोलभाव की कोशिश करने पर वेंडर ने कहा कि वह स्वयं 130 में स्टांप खरीदता है, इसलिए इसे 150 रुपए में बेचता हु । इस प्रकार उसने स्टांप पेपर को निर्धारित दर से अधिक में बेचे जाने कि बात को अपने दलील के माध्यम से सही ठहराने की कोशिश की । कैमरे के सामने वह सब कुछ बोलता गया और अंततः उसने 100 रुपए के स्टांप पेपर के 150 रुपए भी ले लिए। निर्धारित कीमत से अधिक कीमत पर स्टैंप बेचे जाने का यह कोई नया मामला नहीं है अक्सर 10 रुपए का स्टांप पेपर 50 रुपए में एवं 50 रुपए का स्टांप पेपर 80 रुपए में आसानी से बेचा जाता है। जरूरतमंद लोग स्टांप पेपर की अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस भ्रष्टाचार का शिकार होते रहते हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर कैसे कोई बाहरी व्यक्ति निबंधन कार्यालय के परिसर में बैठकर स्टांप की खरीद बिक्री करता है और कैसे प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगती !आखिर वयाप्त भरस्टाचार को कोंन रोकेगा , क्या प्रशासन की ये जिमेदारी नहीं है ? एक बड़ा प्रश्न यह उठता है कि क्या भ्रष्टाचार किया जाना ही सिर्फ एक अपराध है? क्या भ्रष्टाचार को मौन रहकर सहना क्या अपराध नहीं है? ऐसे में लोगों को स्वयं जागना होगा और भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़ा होना होगा ।
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