Sentiments of marraige in indian socit and sadhu

 
 

कन्यादान को लेकर बहुत संवेदनशील समाज औऱ साधु !

संजय तिवारी किसी गृहस्थ के कंधे पर सबसे बड़ा बोझ होता है कि कन्या का विवाह। यही सबसे बड़ा सुख भी होता है। संसार में जो खुशी कन्यादान से मिलती है वो शायद ही किसी और काम से किसी को मिले। इसलिए भारत का ग्रामीण समाज कन्यादान को लेकर बहुत संवेदनशील होता है। गांव में किसी के लड़की का विवाह हो, वह सबकी लड़की का विवाह हो जाता है। उस निमित्त वह किसी से कुछ सहयोग मांगे तो कोई मना नहीं करता। कन्या के विवाह को भारत के ग्रामीण समाजRead More


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