History of media

 
 

कहां जाएगी पत्रकारिता..जब उसकी पढ़ाई का ऐसा हाल होगा..

उमेश चतुर्वेदी हाल के दिनों में मेरा साबका पत्रकारिता के कुछ विद्यार्थियों से हुआ…सभी विद्यार्थी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ संस्थानों में पढ़ रहे हैं..कोई पहले साल का छात्र है तो कोई तीसरे साल का.. इन सभी छात्रों में एक समानता नजर आई…वे आज के टेलीविजन के एंकरों को खूब जानते हैं..लेकिन समाचार या विचार को नहीं..सोशल मीडिया में इन एंकरों की जो छवि है..जिस वैचारिक धारा के वे एंकर हैं..उनकी भी सोच कमोबेश वैसी ही है.. दो किश्तों में इन छात्रों से मुलाकात हुई..इनमें से दो याRead More


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