बिहार कथा
रेल क्रांसिंग पर हादसे का जिम्मेदार कौन?
संजय स्वदेश सीवान में बीते सप्ताह दर्दनाक हादसा हुआ। सीवान-जीरादेई स्टेशन के बीच मुफस्सिल थाने के अखैनिया गांव के समीप एक मानवरहित यानी बिना फाटक वाले रेलवे क्रासिंग पर मौर्य एक्सप्रेस एक स्कॉर्पियो से टकरा गई। स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में स्कॉर्पियो सवार एक महिला और चालक की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रेलवे फाटक की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि फाटक का निर्माण नहीं कराने पर वे आंदोलन करेंगे। ऐसे हादसे आए दिन देश केRead More
शत्रुघ्न ने भाजपा से निष्ठा जतायी, लेकिन कहा- कल क्या होगा कौन जानता है
पटना। भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपनी मुलाकात के एक दिन बाद रविवार को अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा जतायी लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में क्या हो, कौन जानता है। सिन्हा की कुमार से मुलाकात के बाद अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। सिन्हा ने कहा, मैंने नीतीश कुमार से कल रात उनके आवास पर मुलाकात की क्योंकि उनके साथ मेरे निजी और पारिवारिक संबंध हैं। हम पूर्व में भी अक्सर मुलाकात करते रहे हैं इसलिए इस बैठक कोRead More
बादलों की बेरुखी, बिहार में पड़ेगा सूखा!
नई दिल्ली। देश के पूर्वी हिस्से (बिहार तथा पूर्व यूपी) में सूखे के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से समेत समूचे बिहार में बारिश लगातार घट रही है। स्थिति यह है कि पूर्वी हिस्से में अब तक सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश हुई है। जबकि देश की कुल बारिश पर नजर डालें तो सामान्य से महज छह फीसदी कम है। इस प्रकार कुल बारिश ठीकठाक स्थिति में है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार पूर्वी हिस्सों में शुरुआती दौर में बारिश अच्छी हुई थी लेकिनRead More
बिहार में एक चरण में चुनाव चाहते है नीतीश-लालू
नई दिल्ली। जदयू-राजद गठंबधन चाहता है कि बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव एक चरण में होना चाहिए। पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में छह चरण में मतदान हुआ था। राज्य में इस बार सत्ता पाने के लिए जदयू-राजद गठंबधन और भाजपा नीत एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला है। जदयू नीत गठबंधन को लगता है कि यदि चुनाव कई चरणों में होता है तो हफ्तों चलने वाले चुनाव प्रचार अभियान में धन और संसाधन के मामले में संपन्न भाजपा को लाभ मिल सकता है। इसलिए जदयू नीत गठबंधन का एकRead More
मीरगंज में हेडमास्टर ने किया छात्रा से दुराचार का प्रयास
मीरगंज-गोपालगंज। मीरगंज थाने के जिगना नारापट्टी गांव के प्राथमिक मकतब की पांचवीं क्लास की छात्रा के साथ हेडमास्टर ने ही दुराचार का प्रयास किया। इस घटना से आक्रोशित लोगों शनिवार को हेडमास्टर को पकड़ कर स्कूल में ही जमकर पिटाई कर दी। स्कूल पर गांव के लोगों ने हंगामा भी किया। बाद में पुलिस ने आरोपित हेडमास्टर व पीड़ित छात्रा को मीरगंज थाने पर लाकर पूछताछ की। जहां से बयान दर्ज करने के लिए मामला महिला थाने को भेज दिया गया। बताया गया है कि दुष्कर्म की यह घटना पिछलेRead More
एक दूसरे पर तंज की सियासत
पटना। बिहार दौरे पर आए पीएम नरेंद्र मोदी ने मुजफ्फरपुर में एनडीए की परिवर्तन की रैली को संबोधित किया। रैली से पहले उन्होंने पटना में बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ एक मंच पर थे। पटना में जहां मोदी और नीतीश खुले दिले से मिले और मुस्कराए। वहीं रैली में पहुंचते ही पीएम ने सीएम पर तंज कसते हुए निशाना साधा। मोदी नीतीश कुमार का नाम लिए बगैर कहा, समझ सकता हूं कि मेरा चेहरा पसंद न आता हो। लेकिन मैं इतना बुरा था तो कमरे में आकर एकRead More
बस जाति पूछो 'नेता' की
प्रसिद्ध संत कबिर कहते थे कि साधु की जाति नहीं होती। पहले राजनीति में आने वाले संत की तरह माने जाते थे। कबीर भी नहीं रहे। राजनीति में वह सेवा वाली भावना भी नहीं रही। अपने प्रदेश की राजनीति में जाति वैसे ही घुली मिली है जैसे शरीर के नसों में रक्त का संचार होता है। भले ही समाज की शुरुआती दौर में जाति की मूल कल्पना समाज व्यवस्था के लिए की गई थी। लेकिन तब किसी को यह अहसास नहीं था कि कालांतर में यही जाति एक कैंसर कीRead More
बिहार की सियासत में 'फैमिली फर्स्ट'
अरविंद शर्मा, पटना। बिहार की सियासत में वंशवाद कोई नई बात नहीं। मौका मिलते ही नेता अपनी विरासत संतान को सौंपने के लिए बेताब दिखते हैं। कुछ क्षेत्रीय दल तो परिवार की पार्टी बन गए हैं। इसमें जिसमें बेटा-बेटी और भाई-भतीजा के साथ समधी-समधिन के लिए भी जगह सुरक्षित रहती है। इसके बाद जगह बचती है, तो कार्यकर्ता स्थान पाते हैं। पार्टियों में परिवार को सबसे अधिक प्रमुखता मिलती है। इस चुनाव में भी बेटों, भतीजों, पत्नियों समेत नजदीकी रिश्तेदारों को टिकट देने और दिलाने के लिए लामबंदी शुरू होRead More
तो क्या बंद हो जाएगी सासामुसा चीनी मिल!
गोपालगंज। आर्थिक संकट से जूझ रही सासामुसा चीनी मिल अब बंद हो सकती है. इससे पहले प्रतापपुर चीनी मिल आर्थिक संकट को नहीं ङोल पाई और 28 जून को बंद हो गई. अब सासामुसा चीनी मिल पर भी बंदी के संकट मंडराने लगे हैं. चीनी मिल प्रबंधन अपनी संपत्तियों को बेचने की फिराक में पड़ा है. खुफिया जानकारी मिलने के बाद डीएम कृष्ण मोहन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. डीएम ने एसडीओ रेयाज अहमद खां तथा जिला ईख पदाधिकारी उमेश सिंह के नेतृत्व में टीम का गठनRead More
चुनाव होगा बिहार में, मालामाल होगा चीन
अगर भारतीय कुटीर उद्योग इस चुनावी चुनौती को स्वीकार करने में समर्थ होता तो हमारी सरकार देश के हजारों करोड़ रुपए को चीन जाने से रोक सकती थी। अफसोस कि खरीदारी में सभी राजनीतिक पार्टियों के लोग शामिल हैं, लेकिन किसी ने इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया। एक आकलन के अनुसार पिछले साल लोकसभा चुनाव में केवल बिहार में ही चीन निर्मित प्रचार सामग्रियों का बाजार एक हजार करोड़ रुपए को पार कर चुका था। इस बार विधानसभा चुनाव के लिए इन प्रचार सामग्रियों के स्टॉकिस्ट से लेकर वितरक तकRead More
