बिहार कथा

 

पूंजी व तकनीक से मैनेज होगा चुनावी इवेंट

सुविज्ञ दुबे. पटना। पूंजी और तकनीक के मेल से पैदा होने वाली चमक ने सभी दलों को जबर्दस्त तरीके से अपनी तरफ आकर्षित किया है। पिछले लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी इसकी सबसे बड़ी पैरोकार रही। इसका उसे सबसे ज्यादा फायदा भी मिला। अब कोई भी राजनीतिक पार्टी चूकना नहीं चाहती। चुनाव को बड़े फलक पर ‘इवेंट’ के तौर पर लेने की मानसिकता ने ‘मैनेजमेंट कंपनियों’ का भी रास्ता साफ किया और राजनीतिक दल इनकी सेवाएं लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जदयू इस बार लोकसभा केRead More


मास्टरी छोड़ अब विधायक बनने चले गुरुजी

दीनानाथ साहनी.पटना। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे ही इसके अलग अलग रंग दिखाई देने लगे हैं। कई मास्टर साहब (शिक्षक नेता) भी इस दंगल में दमखम दिखाने को तैयार हैं। वैसे कुछ गुरुजी पहले भी विधायक बन चुके हैं तो कई को मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने का भी मौका मिला है। मजे की बात यह कि कई मास्टर साहब लंबे अरसे से विधायक बनने का सपना तो पाले हैं लेकिन उन्हें अबतक चुनाव लड़के का ही मौका नहीं मिला। इस बार भी इतिहास दोहराया जाRead More


समाजसेवा से मुंह मोड़ रही राजनीति

संजय सिहं, भागलपुर। पहले राजनीति को समाजसेवा का पर्याय समझा जाता था। लोग समाजसेवा के जरिए राजनीतिक गलियारों में पैठ बनाते थे। ए बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द रह कर लोगों की छोटी-मोटी मदद करते थे। इसी से उनकी पहचान बनी थी। बाद में राजनीतिक रूप से सक्षम होने के बाद ए अपने खर्च से स्कूल, कॉलेज, धर्मशाला आदि के निर्माण की भी पहले करते थे। लेकिन, अब राजनीति समाजसेवा से मुंह मोड़ रही है। राजनीतिक गलियारे में जातिवाद और धनबल का बोलबाला हो गया है। पूर्व बिहार के मुंगेर मेंRead More


एक तिहाई सीटों पर टाइट फाइट

अरविंद शर्मा, पटना। चुनाव में जीत के लिए मुकम्मल तैयारी, संघर्ष और सियासी लहर बहुत बड़े फैक्टर माने जाते हैं, किंतु हार के लिए कभी कभी किस्मत को भी जिम्मेवार ठहरा दिया जाता है। सियासी बयार में किसी सीट पर कोई प्रत्याशी मामूली वोटों से जीत जाता है तो कोई महज कुछ वोट से पीछे छूट जाता है। नतीजा आने के बाद अक्सर पछतावा होता है कि थोड़ा जोर और लगा लिए होते तो शायद यह हाल नहीं होता। 2010 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को आज के हालात मेंRead More


बिहार की राजनीति में नाकामयाब होतीं महिलाएं

अनिल सिंह झा. पटना। राजनीति के क्षितिज पर किस्मत आजमाने में महिलाएं भी पुरुषों से कम नहीं हैं। पार्टी से टिकट न मिलने पर अपने बलबूते ही चुनाव मैदान में उतरने से परहेज नहीं करती। यह बात अलग है कि चुनाव में वे अपनी चमक बिखेरने में कामयाब न हो सकीं। प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या करीब 5.5 करोड़ है, जो पुरुष मतदाताओं से कुछ ही कम है। इतनी बड़ी आबादी पर तमाम राजनीतिक दलों की नजर रहती है और इनलोगों को अपनी तरफ करने की तरह-तरह की कोशिशेंRead More


नहीं दिखते अपने दामन के दाग

राजीव रंजन, पटना। आपराधिक छवि के राजनेताओं को लेकर सभी दलों के पास अपना-अपना आइना है। इसकी खूबी यह है कि इसमें उन्हें अपने दल के आपराधिक छवि वाले नेताओं की तस्वीर दिखाई नहीं देती, लेकिन पाला बदलते ही ऐसे राजनेताओं का आपराधिक इतिहास उन्हें नजर आने लगता है। शायद ही ऐसा कोई दल हो, जिसमें बाहुबली राजनेता न हों। विधानसभा चुनाव की आहट होते ही सभी दलों के बाहुबली राजनेता एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। टिकट के लिए पार्टी तक बदल लेने की तैयारियां शुरू होRead More


संघर्ष से पीछे हटा वामपंथ

मनीष शांडिल्य. पटना नब्बे के दशक के अंत तक बिहार में वामपंथी दलों की दमदार मौजूदगी सड़क से लेकर सदन तक दिखाई देती थी। उस दौर में बिहार विधानसभा में वामपंथी दलों के 30 से अधिक विधायक हुआ करते थे। वर्तमान विधानसभा में मात्र एक वामपंथी विधायक सदन में है। बिहार में वामपंथी जनता के सवालों पर कोई बड़ा आंदोलन या लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हुए भी नहीं दिखाई देते। वामपंथी दलों के नेता इन सबके लिए अलग-अलग कारणों को जिÞम्मेदार मानते हैं। सीपीआई (एमएल) बिहार की बड़ीRead More


उत्तर बिहार में लोकसभा का प्रदर्शन दोहराने की भाजपा की तैयारी

सुभाष पांडेय.पटना। पिछले लोकसभा चुनावों में उत्तर बिहार में वाल्मीकिनगर से लेकर बेगूसराय तक विपक्ष का सूपड़ा साफ कर देने के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दल विधानसभा चुनाव में भी इस कामयाबी को दोहराने की तैयारी में हैं। उत्तर बिहार की सभी 18 लोकसभा सीटों पर कब्जे से उत्साहित भाजपा व सहयोगी दल इस मामले में कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुजफ्फरपुर में 25 जुलाई को होने वाली परिवर्तन रैली इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दलोंRead More


एक साल से पिस्टल के बलपर यौनशोषण कर रहा था पुलिसवाला, ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा

बेतिया. विगत एक साल से पुलिसियां रौब व पिस्टल के बल पर महिलाओं के आबरू से खेलने वाले जमादार को ग्रामीणों ने सोमवार रात पकड़ लिया। ग्रामीणों ने जमादार की जमकर धुनाई की। किसी प्रकार वह अपनी बाइक व चप्पल छोड़कर भाग निकला। घटना गौनाहा प्रखंड के सहोदरा थाना के सहोदरा माई स्थान के समीप की है। इसके बाद सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मध्य रात में ही सहोदरा थाना को घेर लिया और जमादार को बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे एएसपी (अभियान) राजेशRead More


25 जुलाई की रैली में पैकेज की घोषणा करेंगे पीएम : सुशील मोदी

पटना। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरें्रद मोदी आगामी 25 जुलाई को अपनी मुजफ्फरपुर यात्रा के दौरान बिहार पैकेज की घोषणा के साथ बिहार के विकास के लिए एजेंडा तय करेंगे। पटना स्थित अपने आवास पर आज आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुशील ने उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने मुजफ्फरपुर में एक जनसभा के दौरान इस वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव हेतु भाजपा के प्रचार अभियान की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किए जानेRead More


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