बिहार कथा
ऑपरेशन थियेटर में बापू के दुर्लभ चित्र
पुष्यमित्र यह बड़ा दुर्लभ चित्र है। इस चित्र में बाईं तरफ कोने में बापू बैठे हैं। मुंह पर मास्क लगाये। सामने कई डॉक्टर नजर आ रहे हैं। यह पटना के पीएमसीएच के ओपरेशन थियेटर का दृश्य है। तारीख 15 मई 1947, रात के 8 से 9 बजे के बीच। गांधी की पोती मनु का एपेंडिक्स का ओपरेशन चल रहा है। यह चित्र इसलिये भी दुर्लभ है क्योंकि गांधी इलाज के लिये एलोपेथी पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते थे। वे अपना इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से ही करते थे और दूसरों कोRead More
मणिपुर : शासन सरकार का, ऑर्डर अलगावादियों का
(नोट : यह ग्राउंड रिपोर्टिंग संजय स्वदेश ने 2009 में मणिपुर में इंफाल, ईस्ट इम्फाल और सेनापति के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जा कर की थी. ) शासन सरकार का, ऑर्डर अलगावादियों का मणिपुर से लौटकर संजय स्वदेश (दिसंबर, 2009) देश में लोकतंत्र है। हर राज्य की लोकतांत्रिक सरकार है, पर देश के पूर्वोत्तर राज्य विशेषकर मणिपुर राज्य की लोकतांत्रिक सरकार वहां की अलगाववादी तत्वों के सामने बेबस है। मजबूरी में उग्रवादी संगठनों के साथ जियो और जीने दो की नीति के साथ लोकतांत्रिक सरकार चल रही है। स्थितियों से स्पष्टRead More
लड़कों में सम्मान के संस्कार से रुकेगा महिलाओं के प्रति अत्याचार : सुनीता साह
मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए हिंसा के विरोध में हथुआ में महिलाओं द्वारा निकाली गयी कैंडल मार्च संवाददाता, हथुआ/गोपालगंज। मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए हिंसा व यौन उत्पीड़न के विरोध में रविवार को हथुआ बाजार में सैकडों महिलाओं ने बहन रक्षा दल के बैनर तले कैंडल मार्च निकाली. मार्च की शुरुआत हथुआ गाँधी आश्रम से हुई. बाजार होते हुये कैंडल मार्च हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में पहुँची,जहाँ यह मार्च एक सभा मे बदल गई. इस मौके पर महिला नेत्री सुनीता साह ने कहा कि मणिपुर की महिलाओं परRead More
हथुआ नगर पंचायत में महिलाओं को घर में देंगे रोजगार : सुनीता संजय स्वदेश
संजय स्वदेश की पत्नी सुनीता साह ने किया अध्यक्ष पद के लिए नामांकन संजय स्वदेश ने कहा – योग्य अध्यक्ष से होगा हथुआ का सुंदर और समुचित विकास सुनिता साह ने कहा – महिलाओं को उनके घर के अंदर रोजगार देकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए पूरा खाका तैयार संवाददाता, हथुआ। हथुआ नगर पंचायत के अध्यक्ष/सभापति पद के लिए पत्रकार संजय स्वदेश की पत्नी सुनीता साह ने भारी जन समर्थकों के साथ सोमवार को अनुमंडल कार्यालय में अपना नामांकन किया. इस मौके पर हथुआ नगर पंचायत के हर वार्ड केRead More
पुरुष के मन की वासना को मार देता है भारतीय नारी का सौंदर्य
संजय तिवारी मणिभद्र एक समय तक भाभाजी घर पर हैं की नायिका रही शिल्पा शिंदे का कैरेक्टर अंगूरी भाभी के रूप में आती रहीं। उनके चरित्र की कल्पना कुछ ऐसी की गयी थी कि वो गांव से आयी एक सीधी सादी स्त्री हैं जो देशज भाषा में बात करती हैं और सहज साज श्रृंगार करती हैं। वो एक भोली भाली महिला है जिन्हें उनका पति पगली या बौड़म तक कहता रहता है। लेकिन इस सीरियल का सफलता का सबसे बड़ा कारण बौड़म अंगूरी भाभी का कैरेक्टर ही थी। उनका सहीRead More
रोकड़ नहीं.. यूपीआई सही..
रोकड़ नहीं.. यूपीआई सही.. रोशन जोशी हर बरस धीरे धीरे एटीएम से रुपए निकालने की लिमिट कम होती जा रही है। ये लिमिट धीरे धीरे कुछ बरसों में मासिक 5000/- तक पहुंचाई जाएगी। किसी को आपत्ति हुई तो यही पूछा जाएगा कि अगर सब्जी भाजी वाला, चायवाला तक आपसे 10/-पेमेंट यूपीआई द्वारा लिया जा सकता है, तो आपको कैश की क्या जरूरत है? एटीएम से कैश नहीं मिलने पर कैश निकालने के लिए बैंक जाने वालों से बैंक में लेटर लिखवाए जा सकते हैं। लिख कर दो कि आपको 20,000/-Read More
सत्यजीत राय की फिल्मों में स्त्रियां
सत्यजीत राय की फिल्मों में स्त्रियां सुलोचना वर्मा (फेसबुक से साभार) आज महान फिल्मकार सत्यजीत राय की जयंती है। सत्यजीत राय बांग्ला फ़िल्म निर्देशक थे; पर उससे पहले वे एक लेखक थे| अपने दो नयनों से उन्होंने जो कुछ देखा, उसे कागज़ पर उतारा| उनके भीतर फ़िल्मकार को दुनिया ने उनके लेखकीय चरित्र से अधिक सराहा| फ़िल्म बनाने से पहले उन्होंने विश्व की अनेक भाषाओं की फ़िल्मों को न सिर्फ़ देखा बल्कि उनका गहरा अध्ययन किया| रे के फ़िल्मों की भाषा भले ही बांग्ला हो, पर उनके फ़िल्मों की पटभूमिRead More
मधु जी को जैसा देखा जाना
मधु जी को जैसा देखा जाना जयशंकर गुप्त ( मधुलिमये जनमशती वर्ष समापन दिवस पर ) जिनके साथ आप कभी बहुत गहरे जुड़े रहे हों, जिनके बारे में बहुत अधिक जानते हों, उनके बारे में कुछ लिखना कितना मुश्किल होता है, यह आज मुझे मधु जी यानी देश के महान समाजवादी नेता, चिंतक और विचारक, राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन के महान स्वतंत्रता सेनानी, गोवा मुक्ति संग्राम के महानायक, नागरिक अधिकारों और समाज के दबे-कुचले, दलित, शोषित, पीड़ित, वंचित, पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले लोगों के हक़ के लिए लड़ने औरRead More
भाजपा में क्यों नहीं है इकोसिस्टम!
भाजपा में क्यों नहीं है इकोसिस्टम! संजय तिवारी मोदी कांग्रेस इकोसिस्टम की बात खूब करते हैं तो फिर बीजेपी का कोई इकोसिस्टम क्यों नहीं बनता? बनता भी है तो वह कांग्रेस के इकोसिस्टम जितना ताकतवर क्यों नहीं हो पाता? एक लाइन में जवाब सुनना हो तो यह है कि मोदी ने बनने नहीं दिया। बीचे आठ सालों में मोदी ने अपना इकोसिस्टम तो बनाया लेकिन बीजेपी का कोई इकोसिस्टम बनने नहीं दिया। विस्तार से जानना हो तो ऐसे समझिए कि सरकारी संसाधन का कुछ हिस्सा जब समर्थकों तक पहुंचता हैRead More
डॉन आनंदमोहन की रिहाई, बिहार में दलित राजनीति और घड़ियाली आंसुओं की बाढ़
डॉन आनंदमोहन की रिहाई, बिहार में दलित राजनीति और घड़ियाली आंसुओं की बाढ़ संजीव चंदन कभी राजपूत ऑयकन की तरह प्रजेक्ट किये गये बंदूक धारी, डॉन आनंद मोहन ने आंध्रप्रदेश से आने वाले बिहार कैडर के दलित आईएएस जी कृष्णय्या की हत्या के अपराध की सजा 14 सालों तक जेल में रहकर काटी। आनंद मोहन ने एक रिकॉर्ड कायम किया। पटना हाईकोर्ट से मौत की सजा कन्फर्म पाकर वह देश का पहला राजनेता बना, जिसे मौत की सजा सुनाई गयी हो। बाद में मौत की सजा को सुप्रीम कोर्ट नेRead More
