बिहार कथा
कृष्णमोहन झा को मिला अंतरराष्ट्रीय मैथिल गौरव सम्मान
मैथिल समाज की ख्याति विश्व के हर कोने में : कृष्णमोहन झा कृष्णमोहन झा को मिला अंतरराष्ट्रीय मैथिल गौरव सम्मान रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मैथिल समाज की ओर से एक बड़ा कार्यक्रम किया गया, जिसमें देश-विदेश के करीब सौ लोगों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार व समाजवेसी श्री कृष्णमोहन झा को अंतरराष्ट्रीय मैथिल गौरव सम्मान मिला। रायपुर में सगर्भय संस्तव किताब का विमोचन, विशिष्टजनों का सम्मान,गोष्ठी,कवि सम्मेलन,सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न- भी वयोवृद्ध प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ रमेंद्रनाथ मिश्र द्वारा रचित एवं मनीष झा द्वारा संपादित पुस्तकRead More
अब आपकी बचत का राष्ट्रीयकरण ही बचा है, थाली निकालिए और माँग कीजिए
अब आपकी बचत का राष्ट्रीयकरण ही बचा है, थाली निकालिए और माँग कीजिए रविश कुमार बीमा का प्रीमियम ऐसे बढ़ने लगा है, जैसे सारा ग्रोथ रेट बीमा के भरोसे बैठा हो। कई कई हज़ार प्रीमियम बढ़े हैं। सरकार चाहे तो प्रीमियम पर जीएसटी डबल कर 36 प्रतिशत कर सकती है। कंपनियाँ भी प्रीमियम बढ़ा सकती हैं। लोग मारे ख़ुशी के बरसात में दौड़ पड़ेंगे। व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी ने इतना तो कर ही दिया है कि सुई की तरह चुभने वाली महंगाई को लोग दवाई समझने लगे हैं। अब सुई कीRead More
इंस्टंट बुद्धिजीवी मेकर
संजय तिवारी बुद्धि हो न हो, बुद्धिजीवी दिखने में कुछ लोग कोई कसर नहीं छोड़ते। जैसे, कुछ समय पहले तक, जब मोबाइल कैमरा नहीं आया था तब स्टुडियो जाते थे। बाकायदा ड्रेस कोड बनाते थे। इस ड्रेस कोड में चाहे पैंट शर्ट हो या फिर पाजामा कुर्ता। उस पर सदरी जरूर होती थी। फिर एक हाथ में कलम लेकर उसी हाथ को ढुड्डी से टिकाकर बैठते थे। फिर होता था क्लिक और बन जाते थे बुद्धिजीवी। मोबाइल कैमरा आ गया तो थोड़ा तरीका बदल गया है। अब चिंतक, विचारक कीRead More
रथयात्रा की तैयारी
गोपालगंज। #रथयात्रा की तैयारी… #हथुआ #पश्चिम #मठिया से निकलने वाला रथयात्रा उत्सव में यही रथ काष्ठ का है. जहां पहले इसका पहिया भी काष्ट का था और सैकड़ों लोग रथ खीच कर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति प्रगट करते थे यह सब कम हो गया है. अब रथ खीचने स्वत: भक्तों की भीड़ नहीं उमड़ती. हथुआ की विरासती चीजें ऐसे ही धीरे धीरे मिट रही है. हथुआ के आसपास के बाकी मंदिर मठ वाले तो ट्रैक्टर ट्राली पर ही भगवान की यात्रा निकलते हैं. इस साल की रथ यात्राRead More
‘राष्ट्रपति को रबर स्टांप बना देना चाहते थे राजीव गांधी’
‘राष्ट्रपति को रबर स्टांप बना देना चाहते थे राजीव गांधी’ ………………………………. ज्ञानी जैल सिंह ने कहा था कि प्रधान मंत्री राजीव गांधी को बरखास्त करने का मेरा कोई इरादा नहीं था ………………………………………. सुरेंद्र किशोर ……………………………… ‘‘प्रधान मंत्री राजीव गांधी सरकार ने राष्ट्रपति पद को रबर स्टांप की तरह इस्तेमाल करना चाहा था।’’ यह बात खुद पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने कही थी। यह सब उस पुस्तक में दर्ज है जो जैल सिंह के जीवन पर मनोहर सिंह बत्रा ने लिखी है। ज्ञानी जैल सिंह के अनुसार ‘‘राजीव सरकार केRead More
पार्टियों का लोकतंत्र
पार्टियों का लोकतंत्र पुष्यमित्र अपनी पार्टी में चल रहे उठा-पटक के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने अपना मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है और कहा है कि उनकी पार्टी अगर किसी और नेता को सीएम के लायक मानती है तो लोग आकर कह दें, वे तत्काल पद छोड़ देंगे. उन्होंने कहा है कि उनकी जगह कोई शिव सैनिक सीएम बनेगा तो उन्हें बहुत खुशी होगी. भीषण राजनीतिक संकट में घिरे उद्धव के इस कदम को कई लोग उनका मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं, मगर मेरे लिए यह उनकाRead More
IRCTC आपको सीट चुनने की आज़ादी क्यों नहीं देता ?
क्या आप जानते हैं कि IRCTC आपको सीट चुनने की अनुमति क्यों नहीं देता है? क्या आप विश्वास करेंगे कि इसके पीछे का तकनीकी कारण PHYSICS है। S. Bodhi Prasad ट्रेन में सीट बुक करना किसी थिएटर में सीट बुक करने से कहीं अधिक अलग है। थिएटर एक हॉल है, जबकि ट्रेन एक चलती हुई वस्तु है। इसलिए ट्रेनों में सुरक्षा की चिंता बहुत अधिक है। भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग सॉफ्टवेयर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह टिकट इस तरह से बुक करेगा जिससे ट्रेन मेंRead More
निर्णयों पर प्रभाव डालने वाली सत्ता की आवश्यकता ?
प्रभावी निर्णय लेने और निर्णयों पर प्रभाव डालने वाली सत्ता की आवश्यकता ? प्रो. विवेक कुमार — भारत की प्रथम आदिवासी महिला का राष्ट्रपति पद के लिए नामित होने का स्वागत है. यह भारतीय राजनीति के लिए ही नहीं पूरे भारतीय समाज के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. सभी को बधाई. लेकिन यहां कुछ तथ्यों पर प्रकाश डालना आवश्यक है. पहला, जब कोई तथाकथित सामान्य वर्ग की अस्मिता वाला व्यक्ति भारत का महामहिम राष्ट्रपति बनता है तो समाचार पत्र या टीवी चैनल कभी भी उसकी अस्मिता से जोड़कर उसके पदRead More
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र क्षीरसागर में स्थित त्रिकूट पर्वत पर लोहे, चांदी और सोने की तीन विशाल चोटियां थीं। उनके बीच विशाल जंगल में गजेंद्र हाथी अपनी असंख्य पत्नियों के साथ रहता था। एक बार गजेंद्र अपनी पत्नियों के साथ प्यास बुझाने के लिए एक तालाब पर पहुंचा। प्यास बुझाने के बाद गजेंद्र की जल-क्रीड़ा करने की इच्छा हुई। वह पत्नियों के साथ तालाब में क्रीडा करने लगा। दुर्भाग्यवश उसी समय एक अत्यंत विशालकाय ग्राह(मगरमच्छ) वहां पहुंचा। उसने गजेंद्र के दाएं पैर को अपने दाढ़ों में जकड़कर तालाब के भीतर खींचनाRead More
