उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी में किचकिच, अरुण कुमार को अध्यक्ष पद से हटाया

upendara-expels-arun-kumar-from-post-bihar-president_RLSPपटना। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी में अब कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अरुण कुमार को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया है। साथ ही बिहार प्रदेश इकाई को भंग करने का फैसला लिया गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने दिल्ली में अपने सहयोगियों के साथ आपत बैठक की। उसके बाद यह फैसला लिया है। दोनों के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से ही विवाद चल रहा था। टिकट बंटवारे को लेकर भी अरुण कुमार नाराज चल रहे थे। हाल के दिनों में दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई थी।
हवाला कारोबारी चला रहे पार्टी को : अरूण
अरूण कुमार ने कहा कि रालोसपा को अब हवाला कारोबारी चला रहे है। इसी बात को लेकर कई माह से विवाद चल रहा था। प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने से बोझ कम हुआ है। मैं जार्ज फर्नाडिस का शिष्य हूं। भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ता रहूंगा। पार्टी छोड़ने के सवाल पर अरूण ने कहा कि अभी तो मैं पार्टी में हूं। इस पार्टी को मैं और कार्यकर्ता बहुत खून-पसीने से खड़ा किए है। अरुण कुमार ने कहा कि तानाशाही फैसला है, पार्टी बिखर जाएगी। वही रालोसपा विधायक ललन पासवान ने कहा कि यह बहुत ही गलत बात है कि तीन सांसद और दो विधायक की पार्टी में फूट हो गई है। दलालों के कारण यह हाल हुआ है।
अरुण को नहीं बुलाया गया बैठक में
दिल्ली में उपेंद्र कुशवाहा ने अपने समर्थकों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया है। बैठक में न अरुण को बुलाया गया और न उनके समर्थकों को। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही रालोसपाRlsp meeting in new delhi नेतृत्व में विवाद उभरा था। अरुण के एक समर्थक ने पीएमओ को एक पत्र लिखा था। पत्र में आरोप लगाया गया था कि कुशवाहा के हवाला कारोबारियों के साथ संबंध हैं।
उपेंद्र कुशवाहा और अरूण कुमार में चल रहा था विवाद
रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और जहानाबाद सांसद अरूण कुमार में विवाद चल रहा था। विवाद के कारण रालोसपा में दो गुट बन गया था। जिसको लेकर कई बार पार्टी के नेता एक साथ नहीं आ पाए।
बढ़ गई थी गुटबाजी
पिछले दिनों तो पार्टी का विवाद इस कदर सतह पर गया था कि दोनों गुटों के नेता एक दूसरे नेतृत्व से ही इस्तीफा मांगने लगे थे। दोनों गुटों की अलग-अलग कार्यक्रम में एक-दूसरे नेता शरीक भी नहीं हो रहे थे। दोनों गुटों में एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए एक साथ कार्यक्रम किए जा रहे थे। विवादों में ही जिलाध्यक्ष का चुनाव भी लटक गया है। प्रदेश कमेटी भंग होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश युवा अध्यक्ष के तौर पर rlspहिमांशु पटेल को मनोनीत कर दिया। इसके प्रतिक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार ने प्रदेश की विभिन्न सात कमेटियों के अध्यक्ष का मनोनयन कर दिया। एक माह पहले पार्टी कार्यालय पर दोनों गुटों के नेताओं के बीच कब्जा को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी।






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