मंडलवाद से कमण्डलवाद को मजबूत करना चाहती है जदयू!

गोपालगंज! राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रदेश राजद के वरिष्ठ नेता प्रदीप देव एवं युवा राजद नेता संदीप यादव ने संयुक्त रूप से एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि जदयू द्वारा आयोजित अतिपिछड़ा सम्मेलन में राजयसभा सांसद सह जदयू के राष्ट्रिय महासचिव आरसीपी सिंह जी गोपालगंज पधार रहें हैं “अतिपिछड़ा सम्मलेन सह रोड शो ” में आरसीपी सिंह न अतिपिछड़ा है न ही इनको अतिपिछड़ा सरोकार से कोई मतलब है,इसका हालिया उदाहरण जगह जगह लगे पोस्टर बैनर है, इस पोस्टर में जदयू के अतिपिछडे समाज के नेताओं को कोई सम्मानजनक स्थान नहीं मिला है |उन्होंने बताया कि जदयू के लोग यदि अतिपिछड़ा समाज को पोस्टर में सम्मानजनक स्थान नहीं दे पातें हैं उसको सत्ता में कितनी हिस्सेदारी देंगे आप सोच लीजिये आरसीपी टेक्स कलेक्टर हैं इनका काम ठीकेदारों से वसूली कर के मारीशश में रिसोर्ट का निर्माण करना है जन सरोकार से कोई मतलब न इनको है और न ही इनके पार्टी के नेताओं को है।अतिपिछड़ा समाज के लोगो सतर्क रहने की जरूरत है आज जिले ही नही पूरे बिहार में अतिपिछड़ा समाज को गुमराह कर कुछ तथाकतीथ लोग मंडलवाद से कमण्डलवाद को मजबूत करना चाहते है।जिले में अतिपिछड़ा सम्मेलन में अतिपिछड़ी जातियों का भागीदारी नगण्य है, अतिपिछड़ा समाज के नाम पर रोड शो एवं सम्मेलन में स्वर्ण जाती के लोगो का विशेष स्थान है। श्री देव ने बताया कि इस सम्मेलन का अतिपिछड़ा समाज के सामाजिक सरोकार का कोई मायने मतलब नहीं है, अतिपिछड़ा समाज पूर्ण रूप से राजद के साथ है अतिपिछड़ा युवाओ को नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में आस्था है।राजद किसी भी कीमत पर अतिपिछड़ा वर्ग को गुमराह नही होने देगा मंडलवाद से कमण्डलवाद को किसी भी कीमत पर मजबूत नही होने दिया जाएगा।इसके लिए जल्द ही राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ राज्य के अतिपिछड़ा युवाओ को प्रशिक्षित करेगा, अतिपिछड़ा वर्ग समाजिक न्याय के योद्धा श्री लालू प्रसाद के साथ है और रहेंगे भी। जिले के जो भी स्वर्ण जनप्रतिनिधि अतिपिछड़ा की बात कर रहे है वह पूर्ण रूप से अतिपिछड़ा समाज के प्रति छलावा है राजद वैसे लोगो के मसुंबो को पूरा नही होने देगा। अतिपिछड़ा समाज को जदयू के गुमराह से बचना होगा नही तो निश्चित रूप से मंडलवाद के वोट से कमण्डलवाद मजबूत होगा। मौके पर- राजद के जिलाउपाध्यक्ष सतेन्द्र यादव, डॉ सुनील यादव, बिरंजन गुप्ता, अतिपिछड़ा नेता रतन बारी, रामएकबाल यादव, सिकन्दर यादव,सुनील राम, हेलालुद्दीन अंसारी, आदि थे।






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