बिहार में नाबालिग की शादी में बैंड बजाने वालों की बजेगी बैंड, कार्ड छापने वाले भी जाएंगे जेल

दूल्हा और दुल्हन में से कोई एक भी नाबालिग़ पाया गया तब सबके ख़िलाफ़ जिसमें बैंड और कार्ड छापने वाला शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पटना. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी के बाद बाल विवाह के खिलाफ अभियान आरंभ किया है। इसे लेकर राज्‍य के विभिन्‍न जिलों में कई कदम उठाए गए हैं। इसकी ताजा कड़ी पटना के जिलाधिकारी का यह आदेश है कि अगर बाल-विवाह में बैंड वाले ने बैंड बजाया तो उनकी भी बैंड बजा दी जाएगी। साथ ही ऐसे विवाह कराने वाले या इससे जुड़े कई अन्‍य लोगों पर भी कार्रवाई होगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच से दहेज और बाल विवाह के खिलाफ शराबबंदी की तरह अभियान चलाने की बात कही थी। इसके बाद सूबे में इन कुरीतियों के खिलाफ माहौल बनने लगा है। पटना के डीएम ने बुधवार को बाल विवाह उन्मूलन के लिए अनूठी पहल करते हुए सभी धर्म के शादी-विवाह कराने वालों और बैंड-बाजे तथा शादी का कार्ड मुद्रित करने वालों के साथ बैठक की। बैठक में पंडितों, सिख गुरुओं, मौलवियों और पादरियों ने बाकायदा शपथ ली कि वे बाल विवाह नहीं कराएंगे। दहेज का भी विरोध करेंगे। आश्वासन दिया कि बाल विवाह रोकने और दहेज प्रथा के विरुद्ध जनजागृति लाएंगे। मंदिरों और कमेटी हॉल पर भी नजर रखी जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि बाल विवाह न सिर्फ सामाजिक कुरीति है, बल्कि वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि नाबालिग का शरीर शादी के दायित्वों के निर्वहन में सक्षम नहीं होता है। सैयद शाह शमीमउद्दीन मुनीमियां, खानकाह मुनीमियां, मितन घाट ने बताया कि इस्लाम में बाल विवाह को कतई स्वीकार नहीं किया गया है।
आचार्य विनोदानंद वैदिक ने अपील की कि हमें बच्चियों को खूब पढ़ाना चाहिए ताकि वे स्वयं बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठा सकें। फादर जौबी पीटर ने बताया कि वे भी सुनिश्चित करेंगे कि जो भी शादियां चर्च में हों उसमें नाबालिग न हों। मुख्य कथावाचक, तख्त श्रीहरिमंदिर जी साहब, पटना साहिब के ज्ञानी दलजीत सिंह ने बताया कि सिख समुदाय में भी बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पैदा करेंगे।
शादी का कार्ड छापने के पहले देना होगा घोषणापत्र
जिलाधिकारी ने कार्ड छापने वाले सभी मुद्रकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शादी का कार्ड छापने से पहले लड़का और लड़की के अभिभावक से एक घोषणापत्र प्राप्त करेंगे। इसमें यह होगा कि लड़की की उम्र 18 साल से कम नहीं है तथा लड़के की उम्र 21 से कम नहीं है। प्रत्येक कार्ड में मुद्रक का नाम, पता होना अनिवार्य कर दिया गया है। बैंड-बाजे वालों को भी निर्देश दिया गया कि वे वर एवं वधू पक्ष से घोषणापत्र लेंगे कि वर और वधू नाबालिग नहीं हैं।input jagran.com






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