बिहार के इस मंदिर में अब नहीं दी जाएगी भैंसों की बलि

प्रशासन ने अगरबत्ती जलाने पर लगाई रोक 
बिहार कथा न्यूज नेटवर्क
शंभूगंज (बांका)। बिहार के बांका जिले के शंभूगंज स्थित तिलडीहा दुर्गा मंदिर में इस बार दशहरा पर श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली भैसों की बलि पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं नवरात्रा प्रारंभ होने के साथ ही प्रथम पूजा से ही मंदिर परिसर में अगरबत्ती जलाने पर भी मंदिर प्रशासन ने रोक लगा दी है। भगदड़ रोकने व सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ऐसा किया गया है। बताया गया है कि मंदिर में भारी भीड़ के बीच अगरबत्ती जलाकर पूजा करने के दौरान एक-दूसरे श्रद्धालुओं के शरीर जल जाने से भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती है। इसके अलावा मां दुर्गा को गंगाजल से जलाभिषेक करने के लिए आने के दौरान भी कांच के बर्तन लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि यह कदम श्रद्धालुओं के सुरक्षा में उठाया गया है। उधर, तिलडीहा में सप्तमी से विजयादशमी तक श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाये जाने वाला तीस हजार से भी अधिक बकरे की बलि के लिए बेरिकेडिंग की जाएगी। ताकि श्रद्धालु कतार में खड़े होकर आराम से बकरों की बलि दे सकें।
2010 में मची थी भगदड़
वर्ष 2010 में तेलडीहा मंदिर में नवमी पूजा के दिन मची भगदड़ में 10 लोग मारे गए थे। इस तरह की घटना की पुनार्वृत्ति न हो इसके लिएप्रशासन हर आवश्यक कदम उठा रहा है। अब प्रति महीने एक निर्धारित तिथि पर श्रद्धालुओं द्वारा बकरे की बलि चढ़ाई जाती है ताकि दशहरा में बलि देने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में कमी हो।
बंगला रीति-रिवाज से पूजा
तिलडीहा दुर्गा मंदिर की स्थापना वर्ष 1603 ई. में बंगाल राज्य के शांतिपुरा जिले के दालपोसा गांव के हरिवल्लव दास ने तांत्रिक विधि से किया था। वर्तमान में उन्हीं के वंशज इस मंदिर के मेढ़पति योगेश चन्द्र दास है। जिनके द्वारा मां भगवती की पूजा बंगला रीति-रिवाज से होती है। भगवती को पहली बलि प्राचीन खड़ग से ही दिये जाने की परंपरा है। तेलडीहा मंदिर की विशेषता यह है कि एक ही मेढ़ पर कृष्ण, काली, लक्ष्मी, सरस्वती और मां भगवती के साथ साथ भगवान शिव का प्रतिमा स्थापित की जाती है। जो देश के गिने-चुने स्थानों पर है। बदलते समय के साथ मंदिर के स्वरूप में परिवर्तन कर खपड़े की जगह पक्के का जगह ले लिया है लेकिन मंदिर की प्रतिमा पिंड अब भी मिट्टी के ही हैं। source with thanks from livehindustna.com






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