आर्य और मुसलमान भारत आए और यहां रच बस गए, अंग्रेज आए लूट कर गए: अब्दुल मन्नान खान
एएमयू ओल्ड ब्याज ऐसाशिएसन ने मनाया सर सैयद डे
सिवान Biharkatha.com: एएमयू ओल्ड व्वायज एसोसिएशन, सिवान के तरफ से सर स®यद अहमद खान बानी अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी का खिराज-ए-अकिदत पेश करने के लिए सिवान शहर के जिप्सी कैफे में एक अजीमुष्षान तकरीब का एहतमाम किया गया। जिस की सदारत एसोसिएश न के सदर डाॅ जाहिद और नजामत के संस्था के महामंत्री सय्यद शहाबुद्दीन अली ने की। इस कार्यक्रम के अतिथि खास अब्दुल मन्नान खान सीनियर एडवोकेट पटना हाई कोर्ट ने अपने भाषण में सर सय्यद के क्षेत्र में जो कार्य किया, पर प्रकाश डाली और ऐतिहासिक पन्नों को पलटते हुए आर्यन की , मुसलमानों की और अंग्रेजों की इस देश में आना और उसके अंतर को समझाने की कोशिशा की। उन्होने कहा कि आर्यन और मुसलमानों ने इस देश को अपना देश समझा। यहाॅ की संस्कृति मे रच बस गयें। जबकि अंग्रेजी ने यहाॅ लूट- खसोट कर के इलेकट्रानिक मीडिया को नफरत और मतभेद कम करने मे मस्बत किरदार अदा करना चाहिए और मीडिया को जम्हुरियत के एक जिम्मेदार सतुन का रोल अदा करना चाहिए। मेहमान जनबा खुर्शीद अनवर सिद्दीकी ने जो बिहार सरकार में ऊर्जा विकास के डिप्टी संचालक है। उन्होंने बहुत तफ्सील से मुसलमानों के शिक्षा कार्य क्षेत्र और सर सय्यद की शिक्षा में योगदान और सर सय्यद की बैज्ञानिक फिक्र से मुसलमानों और तमाम हम वतनों को परिचय कराने पर जोर दिया और अपनी अलीगढ़ की शिक्षित जीवन को याद किया। सिवान के सीनियर वकील सुभाशकर पाण्डेय ने सर सय्यद की शख्सियत और उनकी खिदमात पर रौशनी डालते हुए कहा कि हमारे शिक्षा व्यवस्था की यह कमी है कि हम लोग उन शख्सियतो से नावफिक है जिन लोगों ने जदीद हिन्दुस्तान की तामीर में बुनियाद का काम दिया। जैसे सर सय्यद अहमद खान और राजा राम मोहन राय जैसी अजीम षख्सियते। सिवान के सीनियर वकील हैदर अली खान ने भी कदीमी अदारों और उसकी तालीमी मयार को सामने रखते हुए रखते हुए सर सय्यद की इल्मी तहरीक को पेष किया। उसके अलावा रस्तुगी जी वकील और रामेष्वरी पाण्डेय ( छोट बाबु) वकील ने भी अपने-अपने विचार का सर सय्यद अहमद खान के बारे में इजहार किया। संस्था के महामंत्री सय्यद शहाबुद्दीय अलीग ने सर सय्यद के एक कौल को पेष किया। जिस में उन्होने यह कहा था कि ‘‘हिन्दुस्तान एक खूबसूरत दुल्हन की तरह है, हिन्दु और मुस्लमान उसकी दो खूबसूरत आॅखे है। एक भीग जाए तो उसके हुस्न में कमी आ जाएगी।’’ इस कौल की रौशनी में अन्होंने कौमी मिल्लत से देष मे मिल-जुल कर रहते और उसकी तरक्की ने नजरिया को पेष किया। संस्था के सदर डाॅ0 जाहिद अुसैन ने अपनी सदारती भाषण मे सर सय्यद की देशी एकता का उदाहरण है और उनकी शिक्षण कार्य को आने वाली नसलों तक याद किया जाएगा। प्रो0 नूर आलम नायब सदर ने पूरे लोगों और मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस तकरीब को कामयाब बनाने में प्रो0 शौकत अली खान, शैख अषरफ अली वकील, शफिउल्लाह वकील इत्यादी नक काफी मेहनत किया और दस प्रोग्राम को सुंदरता के साथ समाप्ति तक महुचाने में अहम किरदार अदा किया।
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