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हिंदी मीडियम में दम है। मगर हममें कितना दम है?

हिंदी मीडियम में दम है। मगर हममें कितना दम है? बालेंदु शर्मा दाधिच मित्रो, हिंदी के जरिए सफलता प्राप्त करने के बाद आज मुझे लगता है कि मुझ जैसे लोगों पर एक सामाजिक दायित्व है। दायित्व है हमारी युवा पीढ़ी को सशक्त करने का। उसे इस बात का विश्वास कराने का कि ‘हिंदी मीडियम’ में कोई समस्या नहीं है। हाँ, हमारे आसपास हमारे ही लोगों द्वारा चुनौतियाँ पैदा की जाती हैं लेकिन अब जमाना बदल रहा है और आप चाहें तो हिंदी को अपनी ताकत बना सकते हैं। उसी तरह,Read More


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