बिहार कथा
बक्सर में हैदराबाद जैसी घटना, रेप के बाद पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, फिर गोली मारी
बक्सर। हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या जैसी वारदात बिहार के बक्सर जिले में भी दोहरायी गई है। नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर पेट्रोल से जला दिया। हैदराबाद की ही तरह बिहार के बक्सर (Buxar) जिले में भी दरिंदों ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और फिर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। फिर पेट्रोल छिड़ककर शव में आग लगा दी। मंगलवार की सुबह बक्सर के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा के बधार (सुनसान इलाका वाला खेत) में एक अज्ञात युवती कीRead More
डीयू के एक प्रोफेसर का सांसद हो जाना…
Vineet Kumar राज्यसभा टेलिविजन पर प्रोफेसर मनोज झा की क्लिप देखी. अपने भीतर चुंबकीय क्षमता सहेजकर रखनेवाला सामाजिक विज्ञान का प्रोफेसर जिन्हें कैंपस में जब भी देखा, छात्रों से घिरे- उनके जमघट के बीच देखा. दुनिया अब उन्हें सांसद के तौर पर जानती है. टीवी दर्शक उन्हें आरजेडी प्रवक्ता के तौर पर. लेकिन संसद में जब उनकी आवाज़ गूंजती है तो पूरे हिन्दुस्तान को एक क्लासरूम में तब्दील कर देती है. तब सहमति- असहमति के के पचड़े में पड़ने से कहीं ज्यादा दिमाग में एक ही बात घूम रही होतीRead More
बिहार के इन लाखों नौजवानों की जवानी कौन लौटाएगा?
नीरज प्रियदर्शी.पटना से, बीबीसी हिंदी से साभार ग्रैजुएशन करने में कितना समय लगता है? और पोस्ट ग्रैजुएशन करने में? आप कहेंगे कि तीन साल में बीए और बीएसएसी पूरी हो जाती है और पीजी करने में दो साल लगते हैं. लेकिन 2015 में एमएससी (मैथ) के कोर्स में दाखिला लेने वाले मधेपुरा के अजीत कुमार आज भी अपनी डिग्री पूरा होने का इंतज़ार कर रहे हैं. 2015 में ही जेडी वीमेंस कॉलेज में बीबीए की पढ़ाई शुरू करने वाली स्वीटी के फ़ाइनल ईयर के इम्तेहान अभी तक चल रहे हैं.Read More
पूरे एरिया में जमा था टकला का खौफ, लिपि सिंह के आगे नहीं चली इसकी चलाकी
बिहार कथा, बाढ. दो वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात टकला को बाढ़ पुलिस ने ASP लिपी सिंह के निर्देश पर गिरफ्तार कर लिया। दरअसल सहायक पुलिस अधीक्षक को टकला के बाढ़ क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने की योजना में लगे होने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। ज्ञात हो पूरे एरिया में टकला बदमाश का खौफ जमा हुआ था. वह पुलिस के गिरफ्त में आ ही नहीं रहा था, लेकिन लिपि सिंह के आगे नहीं इसकी सारी चलाकी फेल हो गई और ये अपने कार में हीRead More
जानिए कैसे आईएएस परीक्षा पास ओबीसी के 70 युवाओं को यूपीएससी ने ज्वाइनिंग से रोका
5 साल में “क्रीमी लेयर” प्रावधान में अस्पष्टता से अधर में लटका यूपीएससी में उत्तीर्ण 70 ओबीसी अभ्यर्थियों का भविष्य नवल किशोर कुमार 2014 से लेकर अब तक ऐसे 70 युवा बेरोजगार हैं जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास तो कर ली है लेकिन क्रीमी लेयर प्रावधान का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है. वर्ष 2014 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत में अन्य पिछड़ा वर्ग की अहम भूमिका थी. चुनाव प्रचार में नरेन्द्र मोदी ने बार-बार खुद को ओबीसी बतायाRead More
आखिर बनारस में क्यों नहीं होते बलात्कार!
आवेश तिवारी के फेसबुक टाइमलाइन से साभार बनारस देश का एकमात्र शहर है जहां परिवार की मुखिया स्त्री होती है, पुरुष या तो सोते है या काम करते है बाकी समय मे गप्पबाजी और भांग छानते है। गंगा किनारे हजारों महिलाएं आपको अर्द्ध नग्न ,नग्न नहाते मिल जाएंगी पर कम से कम कोई बनारसी उनकी तरफ़ आंख उठाकर नही देखेगा। सड़कों पर छींटाकशी नही रंगबाजी जरूर देखने को मिल जाएगी लड़का तेज रफ्तार गाड़ी चलाते लड़की को देख कह सकता है “तोफान मेल मत बनावा” हो सकता है लड़की जवाबRead More
सेक्स, संभोग या सहवास
आरती रानी प्रजापति के फेसबुक टाइमलाइन से साभार सेक्स, संभोग या सहवास। कोई भी नाम इस प्रक्रिया को हम दे सकते हैं। यह समाज का वह पक्ष है, जो जरूरी तो है लेकिन उस जरूरत को दबाया या छिपाया जाता है, जाहिर नहीं होने दिया जाता। खासकर भारतीय समाज में इसे एक विशेषता माना जाता है। जबकि वास्तव में यह भारतीय समाज का मानसिक पिछड़ापन और कमज़ोरी है। भारतीय समाज में सेक्स को प्रतिबंधित किया गया है। अजीब बात यह है कि इसी समाज की हर गली में, लगभग सभीRead More
सड़कों पर सेक्स के वंचित महिलाएं भी तो घूम रही हैं!!
आरती रानी प्रजापति के फेसबुक टाइमलाइन से साभार इस देश में न जाने कितनी सेक्स के वंचित महिला सड़क पर घूम रही हैं वह आपको कहीं भी किसी पुरुष को पकड़कर बलात्कार करती नहीं मिलेगी। फिर ऐसा क्या है कि मर्द कहीं भी 2 महीने, 5 8 साल 10 12 साल 16 20 25 30 35 40 यहां तक की 70 75 की महिला को देखकर भी उत्तेजित हो जाता है? क्यों दूध पिलाती मां के स्तन को सबकी नजर बचाकर देख लेने में भी उसकी घटिया मानसिकता को शांतिRead More
सब चाणक्य के पीछे क्यों पड़े हैं ??
पीयूष बबेले जब-जब राजनीति में नैतिक पतन के प्रसंग उठते हैं तो राजनैतिक पैंतरेबाजी को जायज ठहराने के लिए चाणक्य का उदाहरण देना शुरू कर दिया जाता है. अगर चाणक्य के किरदार को गौर से देखें तो पता चलेगा कि चाणक्य नीति का असली मतलब है राष्ट्रहित में कठोरतम फैसला लेना. एक ऐसा फैसला जिसमें किसी भी सूरत में निजी स्वार्थ शामिल हो ही नहीं सकता. चाणक्य नीति का मतलब है कोरी भावनाओं को ताक पर रखकर विवेक को सर्वोपरि रखना. और सबसे बढ़कर चाणक्यनीति का मतलब है कि किसीRead More
