बिहार कथा
बिहार के चुनावी मैदान में है 'बाप' पार्टी
सीटू तिवारी पटना बिहार के चुनावी मैदान में उतरी तमाम पार्टियों के बीच एक राजनीतिक दल का नाम है ‘बाप’. दरअसल, इसका पूरा नाम ‘भारतीय आम आवाम पार्टी’ है. लेकिन अंग्रेजी में छोटा करने पर ये ‘बाप’ बन जाता है. इसके नेता उमेश कहते है, हिंदी में हमने नाम बिना सोचे-समझे रख दिया, लेकिन अंग्रेजी में देखा तो यह बाप था. अब नाम रख ही लिया है तो हम सब पार्टियों के ‘बाप’ बनकर दिखाएगें. दरअसल, बिहार के चुनावों में छोटी-छोटी रजिस्टर्ड पार्टियों की दस्तक बढ़Þती जा रही है. छोटी पार्टियोंRead More
न डॉक्टर की फीस और न दवा का पैसा, बस मुफ्त में इलाज
अब तक 60 हजार लोग करा चुके इलाज मोती मातृ सेवा सदन में मुफ्त में लोगों को दवा दी जाती है भागलपुर। निजी क्लीनिक में डॉक्टरों की मोटी फीस और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव। ऐसे में अगर किसी जगह पर लोगों का मुफ्त में इलाज हो और दवा भी फ्री में मिले तो समझिए उनलोगों की आधी बीमारी तो ऐसे ही दूर हो जाएगी। बिहार के भागलपुर में एक ट्रस्ट ऐसा भी है, जहां मरीजों का हर रविवार को मुफ्त में इलाज व दवा की सुविधा दी जाRead More
यादवों के वोट से ही यादवों को सत्ताविहीन बनाएगी भाजपा!
नवल किशोर मामला बहुत दिलचस्प है। भाजपा की ओर से इस बात के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं कि यादवों के मत में अधिक से अधिक सेंधमारी की जाय। इसके लिए उसने यादवों को ही यादवों का दुश्मन बना दिया है। जबकि सच्चाई यह है कि आजतक भाजपा में यादवों की हैसियत सवर्णों के आगे कुछ भी नहीं रही है। हालांकि यादवों को तोड़ने के लिए उसने कई अहम प्रयास भी किए हैं। मसलन राजनीतिक साजिश के तहत विधानसभा में विपक्ष के नेता पद पर नंद किशोर यादव कोRead More
सवालों में गोता लगाते मतदाता
सीधा-सपाट था पिछला चुनाव विनय मिश्रा, पटना.सब कह रहे हैं कि यह चुनाव अभूतपूर्व है। राजनीतिक गठबंधनों के लिए कठिन है। मुश्किल में डालने वाला है, लेकिन सही मायनों में यह चुनाव मतदाताओं के लिए ज्यादा कठिन है। सोच-समझ कर वोट डालने वाले राज्य के वोटर्स के लिए इस चुनाव में फैसला लेना ‘बड़ा कठिन’ है। यू कहें कि इस बार ‘कोर्स’ से बाहर के ‘सवाल’ पूछे जा रहे। जो पाठ पढ़ा नहीं, उसके ‘आॅप्शन’ उसके सामने रखे जा रहे। जैसे-जैसे परीक्षा (मतदान) की तिथि नजदीक आएगी यह उलझन बढ़ÞतीRead More
ओवैसी का बिहार में दांव, सीमांचल क्षेत्र में चुनाव लड़ेगी एमआईएम
हैदराबाद। आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी ने आज कहा कि पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में केवल सीमांचल क्षेत्र में जोर आजमाइश करेगी। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी लेकिन सीमांचल क्षेत्र तक सीमित रहेगी जिसमें मुख्य रूप से चार जिले – अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार आते हैं। पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका खुलासा किए बिना आवैसी ने कहा, हम बिहार के सीमांचल इलाके तक सीमित रहेंगे। हम जीत की अपनी संभावनाओं को लेकर यर्थाथवादी हैं। हमें अपनी मजबूती और कमजोरियों काRead More
सीवान के बच्चों ने सोनपुर एवं कटिहार में लहराया परचम
क्या नारी सशक्तिकरण हो रहा है विषय पर वाद-विवाद हिंदी और अंग्रेजी में जोरदार तर्क के साथ सीवान के विद्यार्थियों ने रखा अपना मत राजेश राजू.सीवान। केंद्रीय विद्यालय सोनपुर में राष्ट्रीय एकता पर आधारित सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुओ इस आयोजन में संकुल स्तरीय प्रतियोगिताएं हुर्इं, इसमें केन्द्रीय विद्यालय सिवान, गोपालगंज, हाजीपुर, छपरा, महाराज गंज, मसरख, बेला, सोनपुर आदि नौ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में क्या नारी सशक्तिकरण हो रहा है? विषया पर वाद-विवाद हुआ। इसके पक्ष में जालिम प्रसाद के मार्गदर्शन में केन्द्रीय विद्यालय सीवानRead More
आधे विधायक दोबारा नहीं जीत पाते चुनाव
पटना। चुनाव में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है. पर, यह जानना दिलचस्प है कि किस तरह एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक आते-आते करीब आधे विधायक विधानसभा चुनाव हार जाते हैं. विधायकों के दोबारा पराजित होने की कई वजहें हो सकती हैं. लेकिन पहला कारण है, उनका वोटरों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाना. स्थानीय स्तर पर उभरने वाला विकल्प उनकी पराजय में अहम भूमिका अदा करता है. वोटर नए विकल्प आजमाता है और वहां से नया प्रतिनिधि विधानसभा में पहुंच जाते हैं. विधायकों की हार-जीत की एक और वजह होतीRead More
विकास और जातीय लामबंदी के बीच दुविधा में मतदाता
बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनावी रण में इस बार मोहरे जरूर पुराने हैं, लेकिन चाल सबकी नई है। मुख्य मुकाबला दो गठबंधनों के बीच दिखाई दे रहा है, लेकिन गठबंधनों की ढीली गांठ पूरे चुनावी माहौल को दिलचस्प बनाए हुए है। सुबह जाति के खोल से निकल विकास के मुद्दे पर बात करने वाले शाम को फिर जाति के खोल में समा जाते हैं। सामाजिक और जातीय समीकरण लामबंद होकर बिखर रहे हैं। वहीं, मतदाताओं की चुप्पी विश्लेषकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआRead More
बिहार के बाद क्या होगा?
वेद प्रताप वैदिक बिहार में चुनाव की घोषणा हो चुकी है। मैं आज इस स्थिति में नहीं हूं कि कोई भविष्यवाणी कर सकूं। आज यह नहीं बताया जा सकता कि कौन जीतेगा। यदि जातीय समीकरण प्रबल हो गए तो निश्चित ही नीतीश-लालू गठबंधन जीत जाएगा और यदि मोदी का जादू चला तो इस गठबंधन का जीतना ज़रा मुश्किल होगा। आज तो ऐसा लग रहा है कि हार-जीत बहुत कम वोटों से होगी। मोदी ने बिहार के मुंह में इतने बड़े रसगुल्ले रख दिए हैं कि उनको चबाना भी मुश्किल होRead More
आयोग ने नीतीश के नौकरशाहों को चुन-चुन कर हटाया
चुनाव आयोग ने बिहार की नकेल अपने हाथों में लेते ही नीतीश सरकार के अनेक नौकरशाहों पर तबादलों का चाबुक चला दिया है. गृहमंत्री आमिर सुबहानी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है तो दो हफ्ते पहले पटना से हटाये गये एसएसपी विकास वैभव को फिर से पटना का एसएसपी बनाने का फरमान जारी कर दिया है. गया से पटना लाये गये मनु महाराज को देखते ही देखते गया का फिर से तत्काल टिकट कटाने को कहा गया है. अब वह फिर से गया के एसएसपी होंगे. आयोग ने अफनेRead More
