बिहार कथा
मोदी की रैली ने निकाला किसानों का दिवाला
पंकज प्रियदर्शी हाजीपुर के निकट सुल्तानपुर गांव का वो इलाका आज सुनसान है, जहाँ रविवार को प्रधानमंत्री मोदी की रैली की खूब चर्चा थी। रैली के लिए जो तैयारियाँ की गई थीं, बांस और बल्ली लगाए गए थे, अब हटाए जा रहे हैं। छोटे-छोटे ट्रकों से सामान ढोया जा रहा है, कुछ दिनों पहले जो मजदूर मंच बनाने और घेराबंदी करने में लगे थे, अब वही मजदूर उसे हटाने में लगे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री की रैली के लिए जिन किसानों की धान की खेती काट दी गई, उनमें से कुछRead More
संघ की शरण में भाजपा, सैंकड़ों स्वयंसेवक मैदान में
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के शेष बचे तीन चरणों के चुनाव में संघ ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के रणनीतिकारों ने आरक्षण पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद ‘तेजी से बदलते’ समीकरण पर चुनाव विशेषज्ञ ‘संघियों’ की मदद मांगी थी। आरक्षण के बयान को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने लपक कर समूचे चुनाव को ही मंडलराज-2 की संज्ञा देकर गांव-घर में यह बात तेजी से फैलाई कि भाजपा सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा। इसकी काट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीRead More
नवोदित दल, निर्दलीय उम्मीदवारों से मजेदार बन रहा चुनाव का जायका
कुणाल दत्त. पटना। आम आदमी पार्टी की तर्ज पर बना एक नया राजनीतिक दल, एक पत्रकार, विभिन्न निर्दलीय उम्मीदवार, चुनाव आयोग की ओर से उन्हें दिए गए चुनाव चिन्ह और प्रचार के दौरान विभिन्न उम्मीदवारों तथा दलों द्वारा प्रयुक्त पंक्तियों को मिलाकर बिहार चुनाव का जायका बड़ा ही मजेदार हो गया है। दिल्ली स्थित महज एक वर्ष पुरानी ‘गरीब आदमी पार्टी :गाप:’ का कहना है कि वह ‘‘वैकल्पिक राजनीति’’ का विकल्प पेश करना चाहती है और मतदाताओं को ‘‘मोदी कैंप तथा नीतीश नेतृत्व वाले महागठबंधन’’ के बीच की ‘‘खाई’’ सेRead More
इसी खूबसूरत लड़की की धुन पर नीतीश कर रहे हैं प्रचार
सड़कों पर घूम-घूम बनाती हैं म्यूजिक पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां प्रचार के लिए जोर लगा रही हैं। इस चुनावी माहौल में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू भी प्रचार में पीछे नहीं है। नीतीश कुमार के प्रचार की कमान संभाल रहे प्रशांत किशोर ने बॉलीवुड के बड़े म्यूजिक डायरेक्टर्स की मदद ली। इस गाने को स्नेहा खानवलकर ने म्यूजिक दिया है। गीत के बोल हैं, ‘फिर से एक बार हो, बिहार में बहार हो, फिर से एक बार हो, नीतीशे कुमार हो’। स्नेहा का जन्म मध्य प्रदेशRead More
अति-पिछड़ों को लुभाने में लगी भाजपा
नीरज सहाय पटना से, (बीबीसी हिंदी डॉटकॉम) बिहार की पल-पल गर्म होती राजनीति हर दिन नए और बदलते समीकरणों का गवाह बन रही है.राज्य की मुख्य विरोधी पार्टी बीजेपी ने प्रदेश के अति-पिछड़ा समाज के लोगों के बीच संदेश देने के लिए पिछले दिनों कुछ महत्वपूर्ण क़दम उठाए. पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अति-पिछड़ा समाज से आने वाले पूर्व मंत्री प्रेम कुमार को प्रेस वार्ता के दौरान अपने बग़ल में बैठाकर यह दर्शाने की कोशिश की कि वो भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं. फिर निषाद जाति केRead More
जेल में बंद शहाबुद्दीन का सिवान में दबदबा बरकरार
पंकज प्रियदर्शी, सिवान से बिहार की राजनीति का एक अनोखा चेहरा सिवान ज़िले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. चाल, चरित्र और चेहरा का दावा करने वाली भाजपा यहाँ एक अनोखे संकट में पड़ी है. भाजपा ने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर एक बड़े संकट को न्यौता दे दिया है. अब ये विधायक न सिर्फ़ भाजपा से अलग हो गए हैं बल्कि विरोधी जनता दल यूनाइटेड के खेमे में शामिल होकर भाजपा को हराने के लिए एड़ी चोटी का पसीना एक किए हुए हैं. कुछ समय पहलेRead More
कोसी क्षेत्र में साख बचाने में जुटे दिग्गज
नवीन निशांत.सहरसा, आखिरी चरण के लिए कोसी में मंच सज चुका है। सबसे खास यह कि दोस्त बनकर राजनीतिक दुश्मन एक मंच पर दिखेंगे। एक कहावत है कि रोम पोप का और मधेपुरा गोप का तो निर्णायक क्षमता रखने वाले 33 फीसदी यादव वोट से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, राजद नेता लालू प्रसाद, उनके बागी राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव व नरेंद्र नारायण यादव सरीखे नेताओं के कद मापे जाएंगे। साथ ही आकलन होगा कि पीएम नरेंद्र मोदी की तीन-तीन रैलियां का क्या असरRead More
चर्चा चुनाव की नहीं, हो रही नेपाल की
संजय कटियार पूरे बिहार की तरह सीतामढ़ी में भी चुनाव होने हैं, पर यहां चर्चा चुनाव की नहीं, नेपाल की है। इसकी चिंता नहीं है कि विधायक कौन हो, चिंता रोजी-रोटी की है। नेपाल के साथ इनका रोटी-बेटी का रिश्ता जो है। उदासी छाई हुई है चारों तरफ। बैरगनिया के बाजार में जाइए तो दुकानदारों की आंखें सीमा पर टकटकी लगाई सी दिखती हैं। सीमा पार से ही तो चलता है इनका बाजार। जानकी जन्म स्थली के रूप में विख्यात सीतामढ़ी में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। आस्था के केंद्रRead More
पटना की हाशिए की आबादी को अभी भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार
कुणाल दत्त.पटना। पटना का पश्चिमी हिस्सा गांव की तरह है जहां पर लोग न्यू पाटलीपुत्र रेलवे स्टेशन के ठीक बगल में रहते हैं लेकिन ऐसा लगता है कि बिहार की विकास गाथा उनसे अछूती रहकर गुजर गयी। दो दशकों से ज्यादा समय से विस्थापित और बिना किसी सुविधा के रह रहे हिंदू और मुसलमानों के करीब 500 परिवार ने हर बार वोट मांगने वाले नेताओं का तिरस्कार ही झेला है क्योंकि हर दिन उन्हें पानी की कमी से लेकर साफ-सफाई तक की तमाम दुश्वारियों को झेलना पड़ता है। पटना मेंRead More
चंपारण में गठबंधनों की जमीन खोद रहे बागी
विभेष त्रिवेदी.मुजफ्फरपुर, चंपारण की कई सीटों पर बागी प्रत्याशी और पूर्व विधायक गठबंधनों की जमीन खोद रहे हैं। पार्टी ने जिनका टिकट काट लिया, उनमें से कई ने निर्दलीय या अन्य छोटे दलों के टिकट पर नया मोर्चा खोल दिया। अपनी-अपनी ‘बिरादरी’ के दम पर कूदने वाले बागी, एनडीए और महागठबंधन को बड़ी चुनौती दे रहे हैं। हालांकि ये सीधी लड़ाई में नहीं हैं, फिर भी ये जिस गठबंधन की जमीन काटेंगे उसे बड़ा झटका देंगे। पश्चिमी चंपारण में नौ और पूर्वी चंपारण में 12 सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनावRead More
