कटहे कुक्कुर की तरह रिपब्लिक टीवी वाले, क्या पीएम से पूछेंगे हे हे मोदी जी, जरा बताइए कि आपकी डिग्री का सच कब सामने आएगा?

यशवंत सिंह
भाजपा वित्त पोषित रिपब्लिक टीवी वाले कटहे कुक्कुर की तरह गैर-भाजपाई नेताओं के पीछे भों भों करते टहल रहे हैं.

मेरा उपरोक्त वाक्य यह बताने के लिए काफी है कि मीडिया यानि चौथा खंभा आजकल सियासी आधार पर बंट गया है. भाजपाई मीडिया, कांग्रेसी मीडिया, मुस्लिम परस्त मीडिया, हिंदूवादी मीडिया. इन सभी का एक ही मकसद, सबसे बड़ा बाजारू यानि कारपोरेट मीडिया बनना.

अरनब गोस्वामी ने लगता है अपने राजनीतिक साहब लोगों के हितों का ध्यान रखते गैर-भाजपाई नेताओं को नंगा करने का अभियान चला दिया है. लालू यादव दूध के धुले नहीं हैं और न चिदंबरम के पाप कम हैं. लेकन आपका कैमरा और R लिखा डंडा पकड़े आपका रिपोर्टर कभी अमित शाह के पीछे पीछे क्यों नहीं कठिन कठोर सवालों को लेकर भागता है.
उसे नरेंद्र मोदी के पीछे क्यों नहीं देखा जाता जब वह किसी प्रोग्राम या मीटिंग से निकल कर बाहर आते हैं.
क्यों नहीं तब अरनब का आदमी तमंचा की तरह माईक आईडी थामे और तोप की तरह कैमरा उठाए मोदी के पीछे चिल्लाते सवाल पूछते भागता है कि हे हे मोदी जी, जरा बताइए कि आपकी डिग्री का सच कब सामने आएगा, क्या वाकई इतना पढ़े हैं, जितना दावा किए हैं या सब जुमला ही था.
मोदी सर सर, प्लीज वन क्वेश्चन, आपका स्टेटस क्या है जशोदा बेन से रिश्ते को लेकर. क्या तलाक हो गया है, क्या अलग अलग हैं, क्या उन्हें आप अपनी पत्नी मानते हैं, क्या जशोदा बेन के जो सवाल हैं, उनके जवाब उन्हें देंगे आप….
माननीय मोदी जी प्लीज एक सवाल… आपने विकास और रोजगार का वादा किया था यहां तो भयंकर रूप से उद्योग धंधे चौपट हो गए और बेरोजगारी चरम पर है… किसान का दुख कम करने का जो वादा था, वह यह उलटा रूप ले चुका है कि किसान सुसाइड अब महाराष्ट्र या विदर्भ का मसला नहीं रह गया है बल्कि यह पूरे देश में आग की तरह फैल गया है, कब आखिर अडानी अंबानी की तरह किसानों के अच्छे दिन आएंगे… कब किसान खुद को लाश में तब्दील होने से रोक सकेंगे…republic tv with laloo ji के लिए चित्र परिणाम
मोदी जी क्या बताएंगे कि देश के जेनुइन सवालों को टालने के लिए ही कहीं आप लोग बार बार हिंदू गाय गोबर राष्ट्र सेना पाकिस्तान मुसलमान ट्रपिल तलाक आदि के मुद्दे तो नहीं उठाते ताकि जनता इसी में उलझी रहे और चैनल वाले इन्हीं हवाई मामलों पर दिन रात बहस चलाकर जनता के दिमाग में जहर भरते रहें… आखिर आपने अभी तक धारा 370 खत्म क्यों नहीं किया, राम मंदिर क्यों नहीं बनवा दिया और पाकिस्तान पर हमला बोलकर उसका नामोनिशान क्यों नहीं खत्म कर दिया…
यकीन मानिए, ये सवाल रिपब्लिक टीवी वाले नहीं पूछेंगे… क्योंकि रिपब्लिक टीवी में पैसा जो भाजपा पोषित लोगों का लगा है… साहब के हित को साधने के लिए इन दिनों रिपब्लिक टीवी और अरनब गोस्वामी के लोग किसी गली छाप गुंडे की तरह मोदी विरोधी नेताओं से मुश्किल से मुश्किल सवाल पूछ कर उन्हें उकसा रहे हैं ताकि वे गाली दें, मारें और वो फिर दिखाएं कि ये देखो, मीडिया पर हमला हो गया है जी… आप लालू और चिदंबरम के कुकर्म खूब दिखाओ, लेकिन मोदी और शाह को क्यों बख्शे हैं जी… इसी को कहते हैं सुपारी पत्रकारिता, इसी को कहते हैं पेड पत्रकारिता, इसी को कहते हैं मीडिया का माफियावाद… इसी को कहते हैं सत्ता के चरणों में पोषित पत्रकारिता…
शेम शेम अरनब गोस्वामी…
शेम शेम रिपब्लिक टीवी….
मोदी, शाह और भाजपा का लठैत बनकर सुपारी पत्रकारिता करना बंद करो…

(यशवंत सिंह भाडा के संपादक है. यह आलेख उनके फेसबुक टाइमलाइन से साभारि लया गया है )






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