बिहार टॉपर घोटाले में बाल आयोग सख्त, करेगा कार्रवाई

national commission for child and protection and rightनई दिल्ली.बिहार के चर्चित टॉपर घोटाले में गिरफ्तार की गई रूबी राय को लेकर राष्टÑीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सख्त रूख अख्तियार कर लिया है। आयोग ने बिहार के जिला बाल संरक्षण अधिकारी को आदेश दिया है कि जेल में बंद रूबी राय की उम्र का पता लगाए। अगर वो नाबालिग है तो बुधवार शाम तक उसे जुविनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड) के समक्ष पेश करे।
गौरतलब है कि आयोग ने बीते 9 जून को बिहार के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर टॉपर घोटाले में शामिल बच्चों की पहचान को गुप्त रखने को कहा था। साथ ही इस पत्र का 48 घंटे में जवाब देने को कहा था। लेकिन बिहार प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
खामोश है बिहार सरकार
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने हरिभूमि से बातचीत में कहा कि बच्चों की गिरफ्तारी के बाद भी यह साफ नहीं हो सका है कि बच्चे नाबालिग है या नहीं। बिहार सरकार को आयोग की ओर से भेजे गए पत्र का भी अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में अगर यह पता चलता है कि आरोपी बच्चों में से कोई नाबालिग है और उसे जेजे एक्ट का लाभ नहीं मिला है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने के लिए आयोग राज्य सरकार से सिफारिश करेगा। 9 जून को आयोग ने बिहार सरकार को पत्र लिखकर आगाह करते हुए कहा था कि अगर आरोपी बच्चों में से कोई नाबालिग है तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस ने झाड़ा पल्ला
रूबी और बाकी टॉपर की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस द्वारा जरूरी प्रक्रिया के पालन को लेकर जब बिहार पुलिस और एसआईटी के अधिकारियों से हरिभूमि ने बात करनी चाही तो सभी ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बच्चों की गिरफ्तारी अदालती आदेश और वारंट जारी होने के बाद की है। बच्चों की उम्र को लेकर पुलिस अधिकारी स्पष्टता से कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। गौरतलब है कि इस मामले में मुख्य आरोपी बच्चा राय को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से बच्चा राय फरार चल रहा था।






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