महाराजगंज में स्कूल बना रण क्षेत्र, आपस में भीड़े शिक्षक

school in maharajganj teacher fighting siwanडीइओ के स्कूल निरीक्षण के बाद गहराया मामला
प्रधान शिक्षक के खिलाफ एकजूट हुए शिक्षक व छात्र
बिहार कथा.सीवान
महाराजगंज प्रखंड के कसदेवरा मध्य विद्यालय में 26 मार्च को जिला के शिक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ विश्वकर्मा ने निरीक्षण किया था . विद्यालय में घोर अनियमितता पाई गई थी. डीइओ श्री विश्वकर्मा ने अनियमितता को ले स्पष्टीकरण मांगा है. सोमवार के दिन 28 मार्च को जब विद्यालय 9.00 बजे खुला. विद्यालय के सभी शिक्षक समय पर आए. छात्र व शिक्षक की उपस्थिति रजिस्टर प्रधानाध्यापक के कब्जे में था. स्कूल के बच्चे प्रांगण में शोर मचा रहे थे.विद्यालय प्रांगण रण क्षेत्र में तब्दील था. स्कूल व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे. 11 बजे तक शिक्षक व छात्रों की हाजिरी नहीं बनी थी. विद्यालय रण क्षेत्र बना था.गांव के उप सरपंच रजनीष सिंह , अवकास प्राप्त फ ौजी सच्चिता नंद प्रसाद, दूध नासथ शर्मा,मोहन प्रसाद, संतोष प्रसाद ादि के बीव -बवाव करने पर मामला शांत हुआ .11रू30 बजे शिक्षक व छात्रों की हाजिरी बनी.
झंझट का क्या है कारण
डीइओ द्वारा जिस दिन 26 मार्च को विद्यालय का निरीक्षण किया गया. उस रोज विद्यालय के दीना नाथ शर्मा, हरे राम सिंह शिक्षक विद्यालय में अनुपस्थित रहने का आवेदन दिया था. जिसको विद्यालय के प्रधानाध्यापक छुट्टी स्वीकृत नहीं कर आवेदन को कहीं फेंक दिए थे. वहीं शिक्षक अनिल कुमार व जुनेद आलम डीएलएड कोर्ष की ट्रेनिंग में सीवान व महाराजगंज में थे. इसकी सूचना प्रधानाध्यापक को थी. पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर प्रधानाध्यापक ने वरीय पदाधिकारी को अवगत नहीं कराया. विद्यालय के अन्य शिक्षक व शिक्षिकाओं का भी कहना था कि प्रधानाध्यापक जब से विद्यालय का प्रभार अजीत कुमार लिए हैं तब से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई है. वहीं विद्यालय के छात्र भी एमडीएम में गड़बड़ी की शिकायत कर रहे थे.school in maharajganj siwan
क्या कहते हैं शिक्षक
विद्यालय की शिक्षिका मधुमाला,सुमित्र कुमारी शिक्षक अनिल कुमार , हरे राम सिंह, दीना नाथ शर्मा, जुनेद आलम के अलाव अन्य शिक्षक प्रधानाध्यापक पर मनमानी करने व एमडीएम में गड़बड़ी करते है. राशन भंडारन रूम में चावल नहीं रख कर भिन्न- भिन्न स्थानों पर चावल रख कर मध्याहन्न भोजन में गड़बड़ी करते हैं. छात्रों के मध्याहन्न भोजन सुधार करने की बात पर प्रधानाध्यापक अन्य सभी शिक्षकों पर गुस्सा करते हैं. शिक्षकों का कहना था कि प्रधानाध्यापक द्वारा स्कूल का एक कमरा में किसी का सिमेंट रखा गया है. सिमेंट किसका है प्रधानाध्यापक बताते भी नहीं है. छात्रों की परेशानी होती है. बंद कमरे का चाभी डीओ द्वारा भी मांगी गई . मगर प्रधानाध्यापक ने उपलब्ध नहीं कराया . इसकी शिकायत जिला अधिकारी व जिला के शिक्षा पदाधिकारी से की जाएगी.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार का कहना था कि विद्यालय के शिक्षक हमारी बात नहीं मानते हैं. गोलबंद होकर मुङो परेशन करने का बराबर प्रयास करते है.






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