विदेशी निवेशकों की भी बिहार चुनाव पर निगाह

Second phase of Bihar electionनतीजे तय करेंगे निवेश की रफ्तार
शिल्पी सिन्हा, मुंबई।
बिहार के विधानसभा चुनाव के नतीजों को भारत के लिए राजनीतिक परिदृश्य के लिए तो अहम माना ही जा रहा है, दुनिया भर के निवेशकों की निगाह भी इस पर टिकी है। डोएचे बैंक के अर्थशास्त्री कौशिक दास के मुताबिक विदेशी इक्विटी निवेशक भारत के माहौल को परखने के लिए बिहार के चुनावों पर निगाह बनाए हुए हैं। दास ने कहा कि वैश्विक निवेशक महसूस कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने आर्थिक सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन उनके मन में जीएसटी बिल और भूमि अधिग्रहण विधेयक पास न होने के चलते निराशा भी है। डोएचे बैंक की यूरोपीय निवेशकों के साथ हुई बैठक की रिपोर्ट के मुताबिक, ह्यविदेशी निवेशक बिहार के चुनाव पर करीबी नजर रख रहे हैं, क्योंकि बिहार का चुनाव ही आने वाले दिनों में संसद में उसकी ताकत का भी फैसला करेगा। उसके बाद ही तय होगा कि वह आर्थिक सुधार से जुड़े विधेयकों को कितनी जल्दी पारित करा पाएगी।ह्य इसका अर्थ साफ है कि यदि बिहार चुनाव में बीजेपी को जीत मिलती है तो विदेशी निवेशकों का उत्साह बढ़Þ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी इक्विटी निवेशकों पहले से ही भारत में खासा निवेश कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के फैसलों और राजनीतिक परिस्थितियों का भारत की इकॉनमी पर कुछ दिनों के लिए असर पड़ सकता है। हालांकि निवेशकों का भारत में भरोसा बना हुआ है, लेकिन वह नया पैसा लगाने से पहले नवंबर तक इंतजार करना चाहते हैं ताकि राजनीतिक तस्वीर साफ हो सके। रिपोर्ट की मानें तो कई निवेशकों ने जीएसटी और भूमि अधिग्रहण विधेयक के संसद में लंबित रहने पर तमाम निवेशकों ने निराशा जताई है। हालांकि निवेशकों ने स्वीकार किया है कि सरकार ने बिजनस को भारत में आसान करने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं और उनका परिणाम भी देखने को मिला है। -इकनॉमिकटाइम्स.कॉम से






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