डिहरी में अबकी पत्रकार वीरेंद्र यादव की बारी

बीरेंद्र कुमार यादव के फेसबुक से

रोहतास लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले डिहरी विधान सभा क्षेत्र इस मायने में महत्वपूर्ण है कि यह मगध और शाहाबाद के सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र था। लेकिन डिहरी-डालमियानगर की औद्योगिक धारा राजनीति की भेंट चढ़ गयी। लेकिन यह राजनीति का विषय नहीं है।

राजनीति का विषय है भ्रष्टाचार, अपराध और बलात्कार। जिस पर जितना बड़ा आरोप, उतना बड़ा नेता। जिसके पास जितनी बड़ी गाड़ी, उतना बड़ा मालदार। विभिन्न पार्टी मुख्यालयों में टिकट मांगने आने वाले दावेदार 35 लाख से कम की गाड़ी पर सवारी नहीं करते हैं। हत्या, बलात्कार या लूट का आरोप दावेदारों के लिए ‘सम्मान’ से कम नहीं है। राजनीति में अपराध शर्म की नहीं, गर्व की बात है।
हमने कल डिहरी विधान सभा उपचुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद कई दावेदार सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गये। पार्टीगत दावेदारों में भी जोश आ गया है। नयी गाडि़यों का आर्डर भी दिया जाने लगा है। हमने पहले ही कहा है कि चुनाव हारने के लिए लड़ रहे हैं। इसलिए जीतने का ठेका दूसरे लोग उठा रहे हैं। आज हमने डिहरी विधान सभा क्षेत्र के 30 से अधिक लोगों से फोन पर बातचीत की। सभी आम लोग थे। उपचुनाव के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर उनकी जरूर रुचि थी।

बिहार कथा

हमने अपने ‘चारपाई’ के बारे में भी लोगों को बताया। हमारे मोबाईल में डिहरी से जुड़े जितने लोगों का नाम सेव है। सबके नाम के साथ जाति भी लिखी हुई है। हमें अपनी चारपाई की पहचान में भी कोई दिक्कत नहीं है। इसलिए डिहरी के लोगों को हम आश्वस्त करन चाहते हैं कि अबकी पत्रकार वीरेंद्र यादव की ही बारी है।






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