बिहार में बूथ के नये यूथ

यूपी/बिहार में 500 रूपये का मोबाइल हाथ में लेकर 500 करोड़ रूपये की डीलिंग करते हुए आपको लोग दिख जाएंगे,सफेद चकाचक कुर्ता, ससुराल से मिली एक सोने की चेन और हाथ में सोने की दो अंगूठी,दो तीन पुलिया की ठेकेदारी कराने के बाद कुछ लोन वगैरह से जुगाड़ करके एक बोलेरो या आजकल स्कॉरपियो.. फिर किसी स्थानीय विधायक के पीछे बैठकर तस्वीरें….अपने मोहल्ले और ससुराल में उन तस्वीरों के सहारे बताना कि वह विधायक जी के कितने खास हैं? ससुराल में यह भी गर्व के साथ बताते मिल जाएंगे कि अबकी बार विधायक जी इनको ही विधानसभा टिकट की पैरवी करने वाले हैं. बेचारे ससुराल वाले इतने भोले होते हैं कि वह मान भी लेते हैं. फिर अगल बगल के लोगों का जीना दुश्वार कर देते हैं कि दामाद तो विधायक बनने वाला है। खैर विधायक के साथ की तस्वीरें गांव में बीडीसी, ग्राम प्रधानी, जिला पंचायत टाइप के चुनाव में काम आते हैं,इसी हेर फेर में आर्थिक और सामाजिक कमाई के सहारे पूरा जीवन कट जाता है।

बच्चा पहले अंग्रेजी मीडियम स्कूल में जाता है,फिर धीरे धीरे इंटर यूपी/बिहार बोर्ड से
ग्रेजुएशन गोरखपुर/छपरा यूनिवर्सिटी.

नोट-थाने की दलाली करने वाला स्थानीय नेता होता है,इन कथित होशियार बेचारों की मेहनत पर दिल्ली में AC में बैठा नेता मौज करता है,इन्हें ही राजनीतिक दल बूथ का यूथ कहता है.
बिहार में आजकल प्रशांत किशोर इन्हीं नये बूथ के यूथ को पकड़ रहे हैं

(संदीप यादव के फेसबुक टाइमलाइन से)






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