कौन मिटाएगा जाति?

दिलीप मंडल

जो बनाता है, वही मिटाता है. जाति तुमने बनाई है. तुम्हीं से मिटवाएंगे. हम लोग मिटा भी नहीं सकते.

इसलिए बाबा साहेब ने एनिहिलेशन ऑफ कास्ट का भाषण जात-पाति तोड़क मंडल की सभा के लिए लिखा था. वह अछूतों की सभा नहीं थी.लाहौर के आर्यसमाजियों की सभा थी.

बाबा साहेब आर्यसमाजियों को बता रहे थे कि जाति से उनको कितना नुकसान हुआ है. वे किस तरह बीमार हो गए हैं. बाबा साहेब की चिंता ये भी थी कि सवर्ण अपनी बीमारी अपने तक नहीं रखते. वे पूरे देश को बीमार बना रहे हैं.

इसलिए जाति खत्म करना है तो ऐसी स्थितियां पैदा करनी होगी कि जाति सवर्णों के लिए असहज हो जाए. समस्या की चीज बन जाए.

आरक्षण से ये काम एक हद तक हुआ है. जाति जनगणना से जाति सवर्णों के लिए बहुत बड़ी आफत बन जाएगी. बाजार ने भी जाति को समस्या बनाया है.

सोशल मीडिया ने भी इसमें भूमिका निभाई है.

जाति जब सवर्णों के खुुद के लिए समस्या बन जाएगी. तभी वे इसे खत्म करेंगे.

एससी-एसटी-ओबीसी के लोग जाति को खत्म नहीं कर पाएंगे. वे जाति को सवर्णों के लिए मुश्किल बना दें, तो बाकी काम सवर्ण खुद कर लेंगे.

इस तरह उनकी बीमारी ठीक हो जाएगी और वे स्वस्थ हो जाएंगे.

(वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल के फेसबुक timeline से साभार )






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