बिहार में दरोगा भर्ती की नीलामी, कीमत है पांच लाख!

बिहार में दरोगा भर्ती की नीलामी, कीमत है पांच लाख!
(बिहार में पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय, तमाम लोगों का पैसा फंसा? )
 
यह रिपोर्ट आज दैनिक जागरण आईनेक्स्ट में प्रकाशित हुई है, वहीं से ज्यो का त्यो साभार ली गई है 
 
बिहार में पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय, अनेक लोगों का पैसा फंसा?
 
पुलिस विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला एक बड़ा गिरोह पटना में काम कर रहा है. विभाग में आला अफसरों से बेहतर सेटिंग का दावा कर वह पांच लाख रुपए में नौकरी का सपना दिखाकर लूट रहा है.
 
manish.mishra@inext.co.in
 
PATNA: पटना और आस पास के दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके इस गिरोह के खिलाफ इसलिए रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई जा रही है क्योंकि पीडि़तों को उम्मीद है कि वह पैसा वापस कर देगा. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट को जब इसकी शिकायत मिली तो रिपोर्टर ने बेरोजगार बनकर गिरोह के एक सदस्य से कॉन्टेक्ट किया. गिरोह के सदस्य ने पटना के कई बड़े अफसरों से अपना करीबी रिश्ता बताते हुए आसानी से पुलिस के साथ सीआरपीएफ व अन्य विभाग में नौकरी दिलाने का दावा किया. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट आज बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा करने जा रहा है.
ऐसे शुरू हुई गिरोह की पड़ताल
डीजे आई नेक्स्ट को कुछ कैंडीडेट्स ने सूचना दी कि पटना में कई लोगों का पैसा पुलिस विभाग में भर्ती के नाम पर फंस गया है. गिरोह के सदस्य कई एरिया में फैले हैं और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम वह लोगों से पैसा वसूल रहे हैं. किसी को दौड़ पास कराने के नाम पर तो किसी को सलेक्शन कराने के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है.इस पर पड़ताल शुरू की गई तो कुछ लोगों का नाम सामने आया जो इस तरह के दावे कर रहे है.
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ठगी गिरोह का यह सदस्य पकड़े जाने के भय से अपरिचित लोगों से नौकरी दिलाने के उद्देश्य से न तो मिलता है और न ही कोई बात करता है. वह ऐसी ट्रिक अपनाता है कि लोग भर्ती नहीं होने पर पैसा वापसी का दबाव भी नहीं बना पाते हैं. वह अगली भर्ती में सेलेक्ट कराने की बात कहकर लोगों को घुमाने का काम करता है. ठगी करने के लिए वह पूरा पैसा पहले नहीं लेता है. शुरूआत में वह एडवांस के रूप में एक तिहाई पैसा ले लेता है और साथ में संबंधित कैंडीडेट्स की ओरिजनल मार्कशीट व अन्य कागजात रख लेता है.
फंस गई मार्कशीट
दारोगा और सिपाही बहाली में कई कैंडीडेट्स ने जालसाजों को पैसा दे दिया है साथ में मार्कशीट भी दिया है. ऐसे में वह बुरी तरह से फंस गए हैं. वे न तो कहीं आवेदन कर पा रहे हैं और न ही उन्हें पैसा वापस मिल रहा है. यह लोग अभी खुलकर आगे नहीं आना चाहते हैं.
स्टिंग ऑपरेशन में जालसाज से हुई बातचीत के अंश
रिपोर्टर – बेरोजगार हूं और आपके एक दोस्त ने आपका नंबर देकर जुगाड़ के लिए बोला था.
जालसाज – पुलिस विभाग और सीआरपीएफ में जुगाड़ है.
रिपोर्टर – कौन सा पद मिलेगा, कितना पैसा लगेगा?
जालसाज – पांच लाख रुपया लगेगा पुलिस में नौकरी मिल जाएगी. दारोगा में भी जुगाड़ है.
रिपोर्टर – पैसा तो नहीं न डूबेगा?
जालसाज – एडवांस लगेगा और ओरिजनल मार्कशीट, बाकी रकम नौकरी मिलने पर देना होगा.
रिपोर्टर – कुछ लोगों को दिलाएं हैं क्या?
जालसाज – पुलिस के कई अधिकारियों से अपनी सेटिंग है बड़े आराम से हो जाएगा.
रिपोर्टर – किस पद के लिए जुगाड़ तगड़ा है?
जालसाज – सिपाही से लेकर दारोगा तक में जुगाड़ है, कई लोगों को कराया है. पुलिस और अन्य विभागों में जुगाड़ तगड़ा है.





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