हाय रे सजल चक्रवर्ती : देखिए कैसा हो गया एक राज्य का पॉवरफुल आईएएस का हाल

बेबसी एक राज्य के सबसे बड़े अधिकारी का ।

सुभाष 
पाप अपने बाप का नही होता ये आज रांची कोर्ट में देखने को मिला ।
ये सजल चक्रवर्ती है कुछ दिन पहले तक झारखंड के चीफ सेक्रेटरी थे लेकिन चारा घोटाला में इनका भी नाम आ गया और दोषी भी करार हो गए।
सोचिये एक हमारे बिहार में दरोगा बन जाता है तो पूरे गांव प्रखंड में उसकी टशन हो जाती है , बड़े बड़े लोग झुक के हाय हेलो करते है सजल चक्रवर्ती तो मुख्य सचिव थे दिन में ना जाने कितने IAS/IPS पैर छूते होंगे लेकिन आज इनकी बेबसी देख कर दिल रो गया ।
इनका वजन करीब 150 किलो है, कई बीमारियों से ग्रसित है ठीक से चल नही पाते । रांची कोर्ट में चारा घोटालेसे जुड़े एक मामले में पेशी थी सुनवाई पहले मंज़िल पर थी जब वो ऊपर आये तब मैं कोर्ट रूम था उनको चढ़ते हुए नही देखा लेकिन उतरते वक्त मैन उनको देखा वो सीढ़ी पर खुद को घसीट रहे थे एक सीढ़ी घसीट कर उतरने के बाद फिर दूसरी सीढ़ी पहुँचने के लिए खुद को घसीट रहे थे ।सोचिये जिसके सामने कल तक बड़े बड़े अधिकारी गाड़ी का दरवाज़ा खोलने के लिए आतुर रहते थे वो खुद को दुनिया के सामने जमीन पर पड़ा हुआ एक बच्चे की तरह ममता भाव से सबको देख रहा थे जैसे कह रहा हो कोई गोद मे उठा लो ।
कहते है ना सुख के सब साथी दुख में ना कोई बेचारे दो शादी किये लेकिन दोनों बीबियों ने तलाक दे दिया वजह जो भी हो ,कोर्ट रूम में सबका कोइ कोई ना कोई था लेकिन इनकी आँखे जैसे किसी अपने को खोज रही थी ।
मालूम किये तो पता चला की कोई इनसे ज्यादा मिलने भी नही आता माता पिता रहे नही भाई भी था जो सेना में बडे अफसर थे जो अब नही रहे ।शायद किसी को गोद लिए थे उसकी भी शादी हो चुकी है ,उसे भी इनसे ज्यादा कोई मतलब नही रहता ।
घर मे कुछ पालतू बन्दर और कुत्ते पाल रखे है अपनो के नाम पर वो भी कहाँ है मालूम नही।
ये शान ये शौकत ये पैसा सब मोह माया है परमानेंट तो कुछ भी नही है सिवाए एक चीज़ का वो है मौत।
(सुभाष .)






Related News

  • हाय रे सजल चक्रवर्ती : देखिए कैसा हो गया एक राज्य का पॉवरफुल आईएएस का हाल
  • विद्या के मंदिरों में दाग अच्छे नहीं लगते
  • आरक्षित सीटों से आने वाले नेता निकम्मे साबित हुए है
  • आपका बिकता हुआ लोकतंत्र
  • 90 के दशक का बिहार और लालू यादव
  • लक्ष्मणपुर बाथे नरसंरहार के 20 साल :  एक साथ जली थीं 58 चिताएं, लेकिन जातिवादी सिस्टम में नहीं मिल सका एक भी हत्यारा
  • बदलती राजनीति को पहचानिए जनाब
  • गोपालगंज भाजपा जिलाअध्यक्ष बिनोद सिंह से बिहार कथा की बेबाक बातचीत
  • Comments are Closed

    Share
    Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com