गोपालगंज : हथुआ, भोरे, कुचायकोट, बैकुण्ठपुर के एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ भाजपा नेताओं ने खेला था घिनौना खेल!

गोपालगंज –
विधानसभा चुनाव के लगभग दो साल बाद बरौली विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता चितलाल प्रसाद का दल विरोधी आरोप लगाकर निष्कासन कई सवाल खड़ा कर दिया है !
लेकीन यह तो सच है कि गत चुनाव में कई वरीय नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था ! विधायक अमरेन्द्र पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय के प्रति प्रेम रखने वालों पर जिला भाजपा अनुशासन का डंडा चलाने का कभी साहस भी जुटा पाएगा ?
कुचायकोट विधान सभा क्षेत्र से राजग प्रत्याशी काली प्रसाद पाण्डेय के खिलाफत के लिए जिला भाजपा ने एक घीनौना खेल खेला NOTA का ! जिसकी गुंज पटना से दिल्ली तक सुनाई पड़ी ! और बर्मा सिंह की कुर्सी चली गयी ।
हथुआ विधान सभा क्षेत्र में राजग प्रत्याशी महाचंद्र सिंह के खिलाफ जिला भाजपा के कई चर्चित चेहरों ने जमकर अभियान चलाया ! एक निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में आधा दर्जन भाजपाई नेता खुलेआम कमान संभाले हुए थे !
भोरे विधान सभा क्षेत्र में इंद्रदेव मांझी के विरूद्ध पार्टी के ही कई नेता प्रचार करते नजर आए ! गोपालगंज सदर में भी हालत बहुत अच्छा नहीं था ।
बैकुण्ठपुर विधान सभा से प्रत्याशी मिथलेश तिवारी भी बहुतों को नहीं पच रहे थे ! हालत यह थी कि कुछ गोपालगंज मुख्यालय में रहकर तो कुछ बरौली में रहकर मिथलेश तिवारी को हराने में लगे थे ! भाजपा में रहकर भाजपा का कब्र खोदने में एक दो नहीं, बल्कि दर्जन भर प्रमुख चेहरे लगे हुए हैं ! लेकीन कारवाई उन पर नहीं बल्कि कमजोर कार्यकर्ताओं पर की जा रही है !
यदि जिला भाजपा में सच का सामना करने का दम है तो वैसे सभी चेहरों को बाहर करे ! लेकीन ऐसा करने पर तो जिला भाजपा के वजूद पर ही संकट पैदा हो जाएगा !

(दीपक कुमार रमजीता पूर्व सांसद काली प्रसाद पांडे के बेटे हैं. उपरोक्त बातें उनके फेसबुक पेज से ज्यो का त्यो साभार ली गईं हैं.)






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