नोटबंदी : कालेधन पर दंड से ही राजकोषीय घाटे की हो जाएगी भरपाई

सिक्युरिटीज समूह के आनंद राठी का दावा, बड़े नोट  में कालाधन छिपाने से पहले लोग सोचेंगे दो बार
बेकार होने वाले  पुराने नोटों को ज्यादा से ज्यादा बैंक में लाने के लिए रिजर्व बैंक करें प्रयास
मुंबई biharkatha.com.  देश में पुराने नोट करीब 14 लाख रुपए का है. यदि मान लिया जाए कि इसमें करीब आधा हिस्सा कालेधन  है तो ऽाी देश की अर्थव्यवस्था पर दुष्प्रऽााव की संऽाावना काफी कम है. सिक्युरिटीज समूह के आनंद राठी का कहना है कि नोटबंदी के बाद देश में उपजी वर्तमान आर्थिक आपातकाल की स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. यदि सरकार के इस प्रयास से 50 लाख करोड़ के कालेधन में से यदि 60 से 80 प्रतिशत v बाहर आ जाए तो यह उस पर लगने वाले दंड की वसूली से देश के करीब एक साल तक के राजकोषीय घाटे की भरपाई आराम से हो जाएगी. राठी का कहना है कि अल्पावधि में यह बैंकिंग प्रणाली के बैंकों में नकदी प्रतिस्थापन और सुचारु संचालन के प्रबंधन में ऽाले की कठिनाई हो रही है, लेकिन ऽाविष्य में यह बेहतर परिणाम देंगा. क्योंकि वर्तमान में जो नाकरात्मक हालात हैं उसका सबसे बड़ा कारण उपऽोक्ता खर्च के लिए सीमिति राशि का होना है. इसके अलावा रियल एस्टेट और ज्वैलरी जैसी नकदी आधारित क्षेत्रों में नकदी का लगा होना ऽाी है. अचानक बड़े नोटों की ऽाारी कमी होने कारण सकल घरेलू उत्पाद के कुल खर्च में कमी के कारण अगले 2 तिमाहियों में गिरावट होगी. ऽाारतीय रिजर्व बैंक को अगले 4-5 महीनों में होने वाली समस्या से निपटने के लिए बैध आय को बैँकों में जमा करना होगा तथा बैंकिक सिस्टम से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ठोस नीति का क्रियान्वयन करना होगा.
आरबीआई निऽााएं यह जिम्मेदारी
यदि कालेधन का जो ऽाी हिस्सा निर्धारित समय तक बैंकों में नहीं पहुंच पाएगा, वह स्वतरू बेकार हो जाएगा. लिहाजा, आरबीआई को यह दायित्व शिद्दत से निऽााना चाहिए कि वह कालेधन के ये पुराने नोट बेकार होने के बजाय बैंक में आए और निर्धारित दंड के साथ यह सफेद मनी में बदल जाए. आर्थिक मजबूति और जीडीपी के तेज रफ्तार के लिए कालेधन के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से का बैंक में आना जरूरी है.  वर्तमान आर्थिक हालत में एक वर्ग ऐसा ऽाी है जो अपने कालेधन को हर स्थिति में सफेद बनाने का कोई तीसरा हथकंडा अपनाएगा.
क्या होंगे परिणाम
– जीडीपी विकास दर लगऽाग 6 महीने के लिए नकारात्मक होने की उम्मीद है
– छह माह की नाकारात्मकता के बाद अगले दो साल बेहद तेज रफ्तार से होगा वि कास
– रियल एस्टेट की कीमतों और लेन-देन मे ऽाारी गिरावट की उम्मीद
– अगले छह महीने में सरकार को होने वाले ऽाारी घाटे के बाद अगले दो साल तक अप्रत्याशित लाऽा होगा
– बॉन्उ के ब्याजदरों में गिरावट आएगी
-रियल एस्टेट के चारों ओर 20 -25ः की गिरावट है और उसके बाद स्थिर करने की उम्मीद है
सोना पर ऐसा असर
– सोना पर प्रऽााव अनिश्चित तथा तटस्थ  है, यह नकारात्मक हो सकता है
-कालेधन को सोना के माध्यम से सफेद करने कोशिश के कारण इसकी मांग बढ़ेगी
दो हजार के नए नोट में छिपेगी काली कमाई
सरकार ने पुराने नोट को अवैध घोषित कर सबसे पहले दो हजार रुपए के नए नोट मार्केट में लाई. यह बड़ा नोट कालेधन को छिपाने में ज्यादा कारगर हो सकता है.  लेकिन इसके साथ ही इस संऽाावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ऐसे करने में लोग कम से कम दो बार जरूर सोचेंगे क्योंकि वर्तमान में सरकार द्वारा कालेधन के खिलाफ कार्रवाई एक एक बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रऽााव पड़ा है.  (Translated english to hindi)






Related News

  • क्या बिना शारीरिक दण्ड के शिक्षा संभव नहीं भारत में!
  • मधु जी को जैसा देखा जाना
  • भाजपा में क्यों नहीं है इकोसिस्टम!
  • क्राइम कन्ट्रोल का बिहार मॉडल !
  • चैत्र शुक्ल नवरात्रि के बारे में जानिए ये बातें
  • ऊधो मोहि ब्रज बिसरत नाही
  • कन्यादान को लेकर बहुत संवेदनशील समाज औऱ साधु !
  • स्वरा भास्कर की शादी के बहाने समझे समाज की मानसिकता
  • Comments are Closed

    Share
    Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com