अल्जीरिया में फंसे बिहार के 58 लोग, हो रहा कैदियों जैसा व्यवहार

algiriaराजेश राजू. बसंतपुर/सिवान। पैसे कमा अपना जीवन संवारने का सपना लेकर अल्जीरिया देश में गए सूबे व बगल के राज्य यूपी के 58 लोग वहां जाकर फंस गए हैं। सभी वहां बीमार पड़े हैं व कंपनी के लोग उनके साथ कैदियों जैसा व्यवहार कर रही है। यहां तक की उन्हें न चिकित्सा सुबिधा दी जा रही है ना ही देश लौटने दिया जा रहा है। थानाक्षेत्र के सहरकोला में स्टूडियो चलाने वाले गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाने के मंगोलपुर निवासी नंदकिशोर प्रसाद ने बताया कि भाई जयलाल प्रसाद के अलावा जिले के वैशाखी के मो.जावेद के अलावा 58 लोग संक्रमण की बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमार लोगों में जिले के भी करीब आधा दर्जन लोग शामील है। ये सभी लोग गुजरात की सापुर पी पलंजि कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से अल्जीरिया गए हैं। कंपनी वहां के महलमा शहर में यूनिवर्सिटी का निर्माण करा रही है।

अल्जीरिया की कंपनी में देश वापसी के लिए हंगामा कर रहे कर्मियों की व्हाट्सएप से भेजी गई तस्वीर

अल्जीरिया की कंपनी में देश वापसी के लिए हंगामा कर रहे कर्मियों की व्हाट्सएप से भेजी गई तस्वीर

सहरकोला में ही टेलरिंग की दुकान चलाने वाले व अल्जीरिया से किसी तरह लौटे सारण जिले के खैरा थाने के तुजारपुर के मो.हसन के बेटे नेसार अहमद ने बताया कि बीमार पड़े लोगों की वहां सुनने वाला तक कोई नहीं है। जिले के अलावा बगल के जिले के 26 लोग पिछले साल 27 मई को गोरखपुर के एजेंट के माध्यम से अल्जीरिया रवाना हुए। कंपनी में लगभग एक हजार लोग काम करते हैं जिनमे आधे से ज्यादा बिहार व यूपी के ही हैं। नेसार अहमद ने बताया कि अभी हाल ही में गोपालगंज के मांझागढ़ थाने के जगरनाथा गांव के एक कर्मी उमेश प्रसाद की वहां बीमारी से ही मौत हो गई। कर्मियो को कंपनी के लोग कैदियों की तरह रखे हैं। उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। वहां से सहकर्मी लोग मोबाइल से ऑडियो क्लिप भेज मदद की गुहार लगा रहे हैं। अल्जीरिया में भारतीय दूतावास के कर्मी ने बताया कि मामले की छानबीन कर बीमार लोगों को बेहतर सुबिधा के अलावा देश वापसी की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में श्रम अधीक्षक गणेश कुमार झा ने बताया कि ऐसी कोई भी सूचना संज्ञान में नहीं है। अगर परिजन आवेदन देंगे तो अगली कारवाई की जाएगी।






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