अरब देशों से भी ज्यादा कठोर है बिहार में शराबबंदी का कानून

Bihar government ban country made liquor

Patna: JD(U) Ministers at awareness march after Bihar government ban country made liquor in Patna on Friday.

बिहार कथा. पटना।
अनेक विवादों और अगर-मगर के बीच बिहार में शराबबंदी का कानून लागू हो गया। प्रथम चरण में देसी शराब पर पाबंदी लागू होगी, उसके बाद अगले चरण में अंग्रेजी शराब पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। आमतौर पर धारणा रही है कि जिन राज्यों में शराब बंदी का प्रयोग लागू किया गया वहां यह बहुत ज्यादा सफल नहीं रहा। लोगों के सामने हरियाणा, आंध्र प्रदेश, मिजोरम और तमिलनाडु का उदाहरण मौजूद है ही गुजरात में भी शराब बंदी की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस बात का एहसास शायद बिहार की नीतीश सरकार को भी है। यही कारण है कि सरकार ने अपने इस नियम को लागू करवाने के लिए घोषणा के बावजूद भी चार-पांच महीने का समय ले लिया। बीते बुधवार को बिहार विधानमंडल ने बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। जिसमें शराबबंदी को सफल बनाने के लिए कानून में कई बदलाव किए गए हैं। ए कानून इतने सख्त हैं कि एक बार शराब के सिलसिले में पकड़ा गया व्यक्ति लंबे समय तक जेल की हवा ही फांकता रह जाएगा।
विधेयक के अनुसार पहले चरण में देशी शराब की सभी और ग्रामीण इलाकों में चलने वाली देशी-अंग्रेजी दोनों की दुकानें बंद होंगी। फिलहाल शहरी क्षेत्रों के चुनिंदा इलाकों की करीब 650 सरकारी दुकानों में विदेशी शराब बेची जाएगी, जबकि पटना नगर-निगम क्षेत्र में शराब बेचने के लिए 90 सरकारी दुकानें खोली जाएंगी।
एक बार देशी शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगने के बाद छह महीने बाद अगला चरण लागू होगा। जिसमें अंग्रेजी शराब की बिक्री पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों में 50 बेड वाला डिएडिक्शन सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) खोलने की योजना है। यहां खास तौर पर प्रशिक्षित डाक्टर तैनात किए जाएंगे, इन केंद्रों पर ज़रूरी दवा के साथ-साथ काउंसिलिंग का भी इंतजाम रहेगा।
शराब की तस्करी रोकने के लिए भी सरकार पूरी तरह मुस्तैद दिख रही है। इसलिए शराब बनाने के लिए कच्चा माल और तैयार शराब की ढुलाई करने वाले टैंकरों में जीपीएस सिस्टम से लैस डिजिटल लॉकर लगाना जरूरी कर दिया गया है। सूबे से होकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ऐसे वाहनों का टैंक बिहार में प्रवेश करते ही लॉक कर दिया जाएगा जिसे पड़ोसी राज्य की सीमा पर ही खोला जा सकेगा। इन वाहनों के लिए चौबीस घंटे के अंदर बिहार की सीमा से निकलना भी जरूरी होगा।






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