छठ पूजा के सामने मुस्लिम, नक्सली सब नतमस्तक
जेल में कैदियों ने भी रखा छठ का व्रत
पटना। लोक आस्था का महापर्व छठ बिहार की जेलों में भी मनाया जा रहा है। खास बात यह कि इन जेलों में बंद इंसान धार्मिक बंधनों से मुक्त हैं। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए कई मुस्लिम कैदी छठ मना रहे हैं। जो खुद व्रत नहीं रख रहे, वे अन्य कैदी छठव्रतियों की मदद कर रहे हैं। जेल प्रशासन भी छठ पर्व करने वालों के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है। मुजफ्फरपुर जिला स्थित खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार के अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी जेल में इस साल कुल 107 कैदियों ने छठ व्रत रखा है, जिनमें 47 महिलाएं और 60 पुरुष हैं। उन्होंने बताया, ‘इस जेल में सजा काट रहीं तीन मुस्लिम महिलाएं शाहजहां खातून, आमोदी खातून और मोमिना खातून भी छठ पर्व कर रही हैं। इस जेल के बाकी अन्य करीब 1600 कैदी उनकी मदद कर रहे हैं।’ कुमार के मुताबिक, जेल के सभी कैदी पूरे जेल कैंपस की साफ-सफाई और उसे सजाने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि छठ व्रत करने वाले सभी कैदियों के लिए जेल प्रशासन द्वारा फल, फूल और वस्त्र की व्यवस्था की गई है।
छठ के गीतों से न केवल बिहार की गलियां और सड़कें गुंजायमान हैं, बल्कि बिहार की जेलों में भी छठ के गीत गूंज रहे हैं। बिहार की विभिन्न जेलों में बंद कैदी भी सूयोर्पासना का व्रत भक्ति पूर्वक कर रहे हैं। पटना के आदर्श कारागार ‘बेउर जेल’ में 21 महिलाएं और आठ पुरुषों समेत 29 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं। बेउर जेल के अधीक्षक शिवेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि इन छठव्रती कैदियों के लिए सारी व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा कराई गई हैं। अर्घ्य देने के लिए जेल के अंदर ही अस्थाई जलकुंड की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि बेउर जेल में हर साल कैदी छठ व्रत करते हैं। कुमार ने बताया कि जेल में बने शांति सरोवर की सफाई कर उसमें पानी भरा गया है। इस सरोवर के चारों ओर बिजली के रंगीन बल्ब लगाए गए हैं, जबकि पास ही टेंट की भी व्यवस्था की गई है। प्रियदर्शी के मुताबिक, ‘जेल प्रशासन की ओर से प्रसाद के साथ वस्त्र भी दिए गए हैं।’ एक अधिकारी बताते हैं कि छठव्रती कैदियों के अर्घ्य देने के लिए तालाब की व्यवस्था है। अधिकारी के मुताबिक, वैसे तो ए 29 कैदी निराहार छठ व्रत कर रहे हैं, लेकिन पूरी जेल के कैदी भक्तिभाव में डूबे हुए हैं।
जेल में तीन दिनों से छठ के गीत गाए जा रहे हैं। छठ के मौके पर बक्सर जेल में भी चहल-पहल देखी जा रही है, पिछले चार दिनों से यहां छठी मइया के गीत गूंज रहे हैं। बक्सर जेल के अधीक्षक एस. के. चौधरी ने बताया कि इस जेल में चार कैदी छठ पूजा कर रहे हैं। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, वैशाली और बेगूसराय के जेल में भी कई कैदी छठ पर्व कर रहे हैं, जिनमें कई नक्सली कैदी भी शामिल हैं।
जेल विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, जेल में छठव्रतियों को कोई परेशानी न हो, इसका जेल प्रशासन पूरा ख्याल रख रहा है। शुद्धता का पर्याय माने जाने वाले इस पर्व में जेल में भी शुद्धता का ख्याल रखा जा रहा है। जेल में कैदियों को सारी पूजन सामग्री की व्यवस्था जेल द्वारा ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चार दिनों के इस पर्व की रविवार को नहाय-खाय के साथ विधिवत शुरुआत हो गई। सोमवार को व्रत करने वाले खीर-रोटी का भोग लगाकर खरना करेंगे तथा मंगलवार को डूबते सूर्य और बुधवार को उगते भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद पारण के साथ महापर्व छठ पर्व संपन्न हो जाएगा।
Related News
Darmowe spiny w Twindor Kasyno: jak je zdobyć i wykorzystać?
Twindor Kasyno to miejsce, w którym pasjonaci gier hazardowych znajdą wiele wyjątkowych możliwości. Oferując bogatyRead More
Darmowe spiny w Twindor Kasyno: jak je zdobyć i wykorzystać?
Twindor Kasyno to miejsce, w którym pasjonaci gier hazardowych znajdą wiele wyjątkowych możliwości. Oferując bogatyRead More

Comments are Closed