कुर्सी बचाने के फिराक में किसानों की सुधि लेने वाला कोई नहीं

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निरंजन कुमार
चंद्रमंडीह/चकाई (जमुई)।
जो किसान कड़ी मेहनत कर लोगों का पेट भरने का काम करते हों आज वही किसान की हालत दयनीय हो गई है. किसानों को देखने वाला ना कोई जनप्रतिनिधि है और ना ही कोई पदाधिकारी. चुनाव के मौके पर कोई भी पदाधिकारी किसानों के मुझार्ये चेहरे की तरफ ध्यान नहीं देख रहे हैं जिससे किसानों की स्थिति काफी दयनीय हो चली है. एक-एक बूंद पानी के लिए किसानों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. जहां सिंचाई का साधन है वहां के किसानों द्वारा डीजल पंप से पटवन की जा रही है और जहां सिंचाई का साधन नहीं है वहां के किसान प्रतिदिन आकाश की ओर टकटकी लगाए इंद्र देवता से पानी की मांग कर रहे हैं. उदासी चेहरा पर भी किसानों के प्रति कोई दयावान दिखते नजर नही आ रहा है. डीजल अनुदान के लिए किसानों में त्राहिमाम मचा हुआ है, लेकिन कोई भी पदाधिकारी इसका सुधि लेने वाला नही दिखाई पड़ रहा है. जबकि सरकार द्वारा डीजल अनुदान की राशि दो माह पूर्व जिले को आवंटित करा दिया है. पदाधिकारी कहते है कि डीजल अनुदान की राशि चुनाव के बाद किसानों को मुहैया कराई जाएगी. जब धान सिंचाई के आभाव में मरकर साफ हो जाएगा तब डीजल अनुदान लेकर किसान किसकी शोभा बढ़Þाएगें. चकाई प्रखंड सब दिनों से पिछड़ा एंव पठारी प्रखंड होने के कारण यहां की जमीन पथरीली रहने के कारण खेतों की नमी एक-दो दिन में ही खत्म हो जाती है. यहां एक दिन छोड़कर बारिश होने पर धान के पौधे प्रस्फुटित रहती है नही तो पौधे में सिकुड़न हो जाता है जिस कारण धान झरने में औसत के बजाय कम झरती है. इस बाबत प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरविन्द कुमार रवि से पुछे जाने पर बताया कि हम क्या करें अभी तो चुनाव का समय है सब पदाधिकारी चुनाव में व्यस्त है. जो कुछ भी होगा चुनाव के बाद ही संभव है.






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