पहली बारिश में ही टूट गया पीपा पुल

pipa pul danapur dighwaraबिहार कथा. सारण। सारण कमिश्नरी के तीन जिलों के लिए पटना से आसानी से आने जाने वाले पीपा पुल आखिर पहली बारिश में ही टूट गया। अभी तक गांधी सेतु की रोज की जाम से परेशान लोग विकल्प के रूप में दानापुर पीपा पुल का इस्तेमाल कर रहे थे। बारिश शुरू होते ही गंगा नदी में जल स्तर बढ़ने के बाद पीपा पुल हटा दिया जाता है। सामान्यतया जून के दूसरे या तीसरे हफ्ते में पीपा पुल खुल जाता है और नवंबर में फिर से लगाने की कार्रवाई शुरू होती है। ऐसे में रोज हजारों की संख्या में पीपा पुल का इस्तेमाल कर छपरा, सीवान और गोपालगंज की तरफ जा रही गाड़ियों का बोझ कुछ ही दिनों में गांधी सेतु पर लौटेगा, जो छह महीने तक कायम रहेगा। पटना से गांधी सेतु होते हुए दिघवारा की दूरी 60 किमी है और गांधी सेतु के जाम को झेलते हुए वहां पहुंचने में 4 से 5 घंटे लग जा रहे हैं। जबकि, पटना से दानापुर पीपा पुल होते हुए दिघवारा की दूरी मात्र 30 किमी है। यह दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैं और यहां जाम का सामना भी नहीं करना पड़ रहा है। दानापुर बाजार से दियारा में थोड़ा आगे बढ़ने पर पीपा पुल है, जबकि दिघवारा की तरफ वहां के ग्रामीणों ने गंगा की धारा को बांध कर छोटी पुलिया बना रखी है। पुलिया पार कराने के एवज में वे 20 से 50 रुपए टॉल वसूल रहे थे। यह रास्ता लोगों को इतना सहज लग रहा है कि बिना झिझक वे रुपए दे देते हैं। इस रास्ते दो पहिया से लेकर चार चक्के की एसयूवी आसानी से निकल रही है।
जाम से निबटने का हर प्रयास विफल :  गांधी सेतु की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो छह महीने के दौरान जाम की समस्या और भयावह होने आशंका है। फिलहाल, पटना से हाजीपुर जाने में आम तौर पर दो से तीन घंटे लग जाते हैं। दानापुर पीपा पुल हटने के बाद उससे गुजरने वाली छोटी गाड़ियों का बोझ भी गांधी सेतु पर पड़ेगा और महाजाम की स्थिति होगी। उस स्थिति को भांप कर लोग अभी से सिहरने लगे हैं।






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