जान हथेली पर रख चचरी पुल पार करते हैं लोग
छातापुर. Supaul.प्रखंड के रामपुर पंचायत के ग्रामीण आजादी के 69 वर्षों बाद भी चचरी पुल के सहारे आवागमन करने को विवश हैं। एक अदद का पुल का सपना लिए रामपुर पंचायत के ननकी गांववासियों को लगता है कि अब उनलोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। जानकारी अनुसार एक ही पंचायत के दो भागों में विभक्त ननकी एवं कटहारा गांव में जाने के लिए प्रखंड के लालपुरवासियों को चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसको लेकर पंचायतवासियों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय सांसद व विधायक अपने फायदे को लेकर गांव आकर लोगों को अविलम्ब पुल का निर्माण कराने का आश्वासन देकर चले जाते हैं। लेकिन किसी ने समस्या के निदान की दिशा में पहल नहीं किया है। लोगों ने बताया कि यहां पुल का निर्माण नहीं होने से लोगों को प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र जाने तथा बच्चों को विद्यालय जाने में भारी परेशानी होती है। वर्षों से उक्त चचरी पुल को लोग जान हथेली पर रखकर पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में हर वक्त लोगो के मन में डूबने का डर बना रहता है। बताया जाता है कि अब तक इस चचरी पुल से नदी पार करने के क्रम में दर्जनों घटनाएं घट चुकी है। जबकि कई लोग इसमें गिरने से विकलांग भी हो चुके हैं।विधायक नीरज कुमार बबलू भी इस घाट पर आकर अविलम्ब पुल निर्माण कराने का भरोसा लोगों को दिलाया। लेकिन आश्वासन सरजमीं पर नहीं उतर पाया है। ग्रामीण रमेश कुमार ने कहा कि मोहनपुर कटहारा में लगने वाले हाट भी यहां आरसीसी पुल नहीं रहने के कारण बरसात के मौसम में चार माह बाधित हो जाता है।
आरसीसी पुल का निर्माण नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
ग्रामीण नीरज कुमार, पप्पू कुमार, राजाराम, विवेक कुमार ने बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव में चुनावी मुद्दा इसी चचरी पुल को बनाया जाएगा। अगर चुनाव से पूर्व यहां आरसीसी पुल का निर्माण किया जाना प्रारंभ नहीं हुआ तो लोग सड़क पर उतरकर मतदान कार्य का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध के बीच निर्मित इस लंबे चचरी पुल से आवागमन करने में खासकर बुजुर्ग, स्कूली बच्चों व मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मालूम हो कि उक्त नदी के पूरब दुर्गा स्थान मंदिर है। जहां प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए इसी चचरी पुल के सहारे जाते हैं। इस चचरी पुल की लंबाई पांच सौ फीट से ज्यादा है। उक्त चचरी पुल की जगह आरसीसी पुल निर्माण को लेकर अब तक कई बार ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। from livehindustan.com
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