हाईकोर्ट का आदेश : फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की जांच करे निगरानी विभाग
पटना। फ
र्जी डिग्री पर बहाल शिक्षकों की अब खैर नहीं। हाईकोर्ट ने अब तक नियुक्त सभी शिक्षकों की डिग्रियों की जांच का आदेश दिया है। जिम्मा विजिलेंस को सौंपा है। मामले की मॉनिटरिंग विजिलेंस महानिदेशक (डीजी) करेंगे। कोर्ट ने चार सप्ताह बाद 22 जून को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश भी दिया। मुख्य न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के क्रम में सरकार के सुस्त रवैए से क्षुब्ध होकर यह आर्डर जारी किया। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने अदालत को बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों की जांच जारी है। प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में करीब 3 माह लगने की संभावना है। 2006 में एक लाख शिक्षकों की बहाली हुई थी। सरकार को जब फर्जी प्रमाण-पत्रों की जानकारी मिली तो छानबीन कराई गई। सात हजार लोगों के प्रमाण-पत्र जांचे गए। फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों आठ सौ को हटाया गया। रंजीत पंडित की लोकहित याचिका की सुनवाई के क्रम में पिछले दिनों हाईकोर्ट ने सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया की 2006 से 2015 तक करीब तीन लाख प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। उसमें 40 हजार से अधिक की डिग्रियां अमान्य संस्थानों से निर्गत है या फर्जी हैं। सरकार के आदेश से 2010 से ही सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को ऐसे शिक्षकों के मामले बार-बार प्रेषित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांच वर्षों से ए शिक्षक जमे हैं। वेतन पा रहे हैं। राजकोष पर सालाना 100 करोड़ का अनवाश्यक भार पड़ रहा है। सरकार के जवाब में सिर्फ 800 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई है ।
इन शिक्षकों को चुनाव कार्य से भी अलग रखें
फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों को चुनाव कार्य से अलग रखें। शिक्षा विभाग उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे और विजिलेंस को जांच में हर संभव सहयोग दे। यदि किसी को किसी शिक्षक की डिग्री फर्जी होने की जानकारी हो तो वह उसे जांच एजेंसी को सीधे सौंप दे।
कार्रवाई : 10 जाली शिक्षकों पर केस
जाली सर्टिफिकेट पर बहाल होनेवाले 10 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अगिआंव व जगदीशपुर थानों में प्राथमिकी हुई हैं। अगिआंव के आरडीओ सन्नी सौरभ ने किरकिरी के दो, चासी के दो, पवना के दो व नारायणपुर के एक शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी कराई। जगदीशपुर में पांच शिक्षकों पर प्राथमिकी हुई। इसके पूर्व सासाराम में भी 27 शिक्षकों को हटाया गया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों में हड़कंप है।
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