'तुलसीदास ने आज रामायण लिखी होती तो जेल में होते'
पटना। अगर तुलसीदास ने रामचरित मानस आज लिखी होती तो वह साहित्यिक चोरी के मामले में जेल चले गए होते। उनकी रचना और कुछ नहीं बल्कि वाल्मीकि रामायण की नकल है। यह बात जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के प्रफेसर तुलसीराम ने दलित साहित्य पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में कही। सेमिनार का आयोजन साहित्य अकादमी और पटना यूनिवर्सिटी हिन्दी विभाग ने संयुक्त रूप से किया है। तुलसीराम ने कहा कि नकल होने के बावजूद तुलसीदास की रामचरित मानस काफी लोकप्रिय हुई। कट्टर हिंदू समाज ने इसे इसलिए लोकप्रिय बनाया क्योंकि इसे लिखने वाले तुलसीदास ब्राह्मण थे जबकि वाल्मीकि के दलित होने की वजह से उनकी रचना को अनदेखा कर दिया गया।
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