बिहार बोर्ड : कॉपी में रुपया, जांचने वाले 'महान'

Bihar-Examiners NOTE IN ANSHWER SHEET PAPERपिछले महीने एग्जाम सेंटर की दीवारों पर चढ़े अभिभावकों की वह तस्वीर दुनिया भर में फेमस हुई जिसमें पैरंट्स अपने बच्चों को दसवीं बोर्ड की परीक्षा में नकल करा रहे थे। इस तस्वीर के जरिए बिहार में शिक्षा की स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। दरअसल, बिहार में इतनी बुरी स्थिति केवल परीक्षार्थियों की ही नहीं है बल्कि परीक्षा लेने वालों और कॉपी जांच करने वालों की भी है। यदि इन्हें भी बोर्ड की परीक्षा में बैठा दिया जाए तो नकल करने की जरूरत पड़ेगी।

एनडीटीवी ने बोर्ड की कॉपी जांच करने वालों उन शिक्षकों की शिनाख्त की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बिहार के सहरसा जिले में तमन्ना अली इंग्लिश की कॉपी जांच कर रही हैं। जब इनसे सेक्शपियर को स्पेल करने के लिए कहा गया तो इन्होंने यह S-h-a-k-s-p-e-a-r बताया। इसी तरह एक और परीक्षक से पूछा गया तो वह भी नहीं बता पाया।
मैथ्स की कॉपी जांचने वाले एक परीक्षक से पाइथागोरस की प्रासंगिकता के बारे में पूछा गया। वह ग्रीक गणितज्ञ थे और इन्हें प्रमेय के लिए जाना जाता है। पाइथागोरस प्रमेय को नौवीं क्लास में पढ़ाया जाता है। उस शिक्षक का जवाब लाजवाब था। बिल्कुल पहेली की तरह जिसे उनके अलावा शायद ही कोई समझ पाए। जब उस शिक्षक से मैथमैटिक्स को स्पेल करने के लिए कहा गया तो उसने बताया M-a-t-h-m-a-t-e-s.एक और परीक्षक को छात्र की कॉपी में 100 रुपये का नोट मिला। स्टूडेंट को लगता है कि जब टीचर को 100 रुपये का नोट मिलेगा तो वह बिना सही जवाब के भी मार्क्स दे देगा। इसके बावजूद राज्य परीक्षा बोर्ड के चेयरमैन का मानना है कि बिहार में कुल मिलाकर बोर्ड परीक्षा की स्थिति ठीक है।

बिहार बोर्ड परीक्षा के चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा, ‘सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है लेकिन कुल मिलाकर मैं कॉपी मूल्यांकन से संतुष्ट हूं। मैंने निष्पक्षता और क्षमता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में परीक्षा के वक्त कई परीक्षा केंद्रों का दौरा किया गया था।’ इस साल के शुरुआत में कोर्ट ने 3,000 प्राथमिक विद्यालयों के टीचर्स को हटाने का आदेश दिया था। ये टीचर्स योग्यता जांच परीक्षा में दो बार फेल हो गए थे। इन शिक्षकों से क्लास पांच लेवल की इंग्लिश, मैथ्स और हिन्दी के सवाल पूछे गए थे।

जब वह तस्वीर विदेशी मीडिया समेत ऑनलाइन वायरल हुई तो 1,700 परीक्षार्थियों और 38 स्टूडेंट्स निष्कासित किए गए। 132 अभिभावकों को अरेस्ट किया गया। जब राज्य के शिक्षा मंत्री प्रशांत कुमार शाही से इस मसले पर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि क्या हमलोग उन्हें गोली मार दें? राज्य में बोर्ड परीक्षा के दौरान हो रही नकल को बिहार सरकार दशकों से रोकने में नाकाम रही है।






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