धोती-कुर्ता प्रेमी हैं हरिनारायण चौधरी और सिंह गांधी टोपी के बाद अब विलुप्त होने के कगार पर धोती-कुर्ता
Birendra Yadav
आजादी की लड़ाई में ‘गांधी टोपी’ आंदोलन की पहचान थी। गांधीवादी युग के कई नेता वर्षों तक विधान मंडल में धोती-कुर्ता पर टोपी पहनकर आते थे। राजनीति में कांग्रेस के हाशिये पर पहुंचने के बाद गांधी टोपी भी माथे से गायब गयी। जब तक अरुण कुमार विधान परिषद के सभापति रहे, उनके माथे पर गांधी टोपी गांधीवाद की पहचान थी। लेकिन अब धोती-कुर्ता पहनने वाले विधायक और विधान पार्षद की संख्या भी लगातार कम हो रही है।
बुधवार को विधान पार्षद राधाचरण साह से मुलाकात हुई। झकास धोती-कुर्ता उनका पहनावा है। लेकिन वह धोती-कुर्ता पहनने वाले अकेले विधान पार्षद नहीं हैं, लेकिन ऐसे विधानमंडल सदस्यों की संख्या डेढ़ दर्जन से ज्यादा भी नहीं होगी। विधान परिषद में धोती-कुर्ता पहनने वाले सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है। ‘धोती-कुर्ता क्लब’ में पूर्व मंत्री रामचंद्र पूर्वे, सीपीआई के केदारनाथ पांडेय, राजद के राधाचरण साह, भाजपा के हरिनारायण चौधरी, जदयू के सीपी सिन्हा व शिवप्रसन्न यादव, पूर्व मंत्री रामलखन राम रमण आदि शामिल हैं। मंत्रियों ने विनोद नारायण झा और श्रवण कुमार आमतौर पर धोती-कुर्ता ही पहनते हैं।
विधान सभा सदस्यों में कहलगांव से निर्वाचित कांग्रेस के सदानंद सिंह और हरनौत से निर्वाचित हरिनारायण सिंह धोती-कुर्ता पहनने वाले मुख्य विधायक हैं। इसके अलावा खजौली से निर्वाचित सीताराम यादव, मंत्री कपिलदेव कामत, राजद के महेश्वर प्रसाद यादव व रामविचार राय, कांग्रेस के रामदेव राय आदि विधायक आमतौर पर धोती-कुर्ता में नजर आते हैं। इसके अलावा कई और लोग धोती-कुर्ता पहनते हैं। उनका चेहरा याद है, लेकिन नाम याद नहीं हैं।
इस संबंध में हम अपने पाठकों से आग्रह करेंगे कि जो एमएलसी और एमएलए धोती-कुर्ता पहनते हैं, उनकी तस्वीर और नाम हमारे वाट्सएप 9199910924 पर भेजने का कष्ट करेंगे, ताकि हम स्टोरी को अपडेट कर सकें और पठनीय बना सकें। https://www.facebook.com/kumarbypatna
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